ऋषिकेश। शहर में खाली भूखंडों में जमा कचरा स्वच्छता की मुहिम पर पलीता लगा रहा है। इन भूखंडों की फिलहाल नगर निगम प्रशासन सफाई कर रहा है, मगर संबंधित स्वामियों को यह भी चेता दिया है कि शीघ्र ही उन्होंने भूखंड में कचरा गिरने से रोकने के इंतजाम नहीं किए, तो भूखंडों को लावरिश संपत्ति मानते हुए निगम को कब्जे में लेगा। स्वच्छता में ऋषिकेश को देश-प्रदेश में पहले पायदान पर लाने के लिए नगर निगम प्रशासन व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चला रहा है। निगम के 40 वार्डों में नगर निगम की टीम ने दर्जनों खाली निजी भूखंडों की सफाई भी की है। एक दफा सफाई करने के बाद निगम अब दोबारा इस तरह की गदंगी को लेकर सख्त रूप अपना रहा है। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि निजी भूमि को साफ-सुथरा रखना संबंधित मालिक की जिम्मेदारी है, मगर वह इसमें लगातार अनदेखी बरत रहे हैं, जिसका सीधा असर शहर की स्वच्छता पर पड़ा रहा है। फिलहाल तो इस तरह के भूखंडों की सफाई कर दी गई है, मगर फिर चिन्हित भूखंडों में कचरा मिला, तो ऐसी जमीनों को लावारिश में श्रेणी में लाकर उन्हें कब्जे में ले लिया जाएगा। इस बाबत नगर निगम की टीम विभिन्न माध्यमों से चेतावनी भी जारी कर रही है। नालों की सफाई में जुटे निगम के पर्यावरण मित्र ऋषिकेश(आरएनएस)। नगर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों व सड़कों किनारे बने दूषित पानी की निकासी के नालों की सफाई के लिए सोमवार को अभियान चला। इस दौरान नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने आधा दर्जन से ज्यादा सड़कों किनारों पर नालों की सफाई की। उनमें जमा कचरे को निकालकर उसे निस्तारण के लिए भेजा। यात्रा बस अड्डा मार्ग पर सफाई अभियान का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल भी पहुंचे। उन्होंने सफाई निरीक्षकों व पर्यावरण मित्रों को प्रोत्साहित किया। वहीं, स्थानीय लोगों से भी स्वच्छता में सहयोग की अपील की। मौके पर सफाई निरीक्षक अभिषेक मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।