जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने निजी विद्यालयों पर अभिभावकों के शोषण का आरोप लगाया है। कहा कि पुस्तक व कॉपी खरीदने के नाम पर अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है। निर्धारित दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है।
इस संबंध में पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने प्रशासन के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत ने कहा कि सरकार निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। कहा कि वर्तमान में निजी विद्यालयों में नई कक्षाओं में प्रवेश चल रहा है। निजी विद्यालयों के संचालकों ने अपने निजी हित के लिए बाजार में दुकानें भी निर्धारित कर रखी है, जहां से अभिभावकों को भी अपने बच्चों के लिए कापी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे है। कहा कि नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक के बच्चों की कापी किताबें दो से तीन हजार तक पड़ रही है, वहीं कक्षा दो से लेकर पांचवी कक्षा तक पांच हजार व 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक बच्चों की किताब कापी का सेट दस हजार रूपये तक में दिया जा रहा है। बाजार में एनसीईआरटी की किताबों का सेट छह सौ रूपए लेकर एक हजार तक पड़ रहा है। लेकिन, निजी विद्यालयों के संचालक अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही कापी किताब खरीदवा रहे हैं। कहा कि निर्धारित दुकानों के दुकानदार उन्हें पक्के बिल की बजाए सादे कागज पर बिल बना रहे है, जिससे स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि टैक्स की चोरी की जा रही है। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की है। इस मौके पर राजेश बिष्ट, मेहरबान सिंह चौहान, देवेंद्र सिंह बिष्ट, मदन सिंह नेगी, नंदन सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद सेमवाल मौजूद रहे।