पीटीए शिक्षकों ने सरकार पर लगाया दोहरी नीति अपनाने का आरोप

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। शिक्षकों ने नवनियुक्त सीएम से मुलाकात कर उनकी समस्यों को प्राथमिकता के साथ हल करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को मिले प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अशासकीय विद्यालयो में सेवारत पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानदेय की परिधि में लाए जाने के लिए प्रदेश सरकार ने 2016 में एक शासनादेश जारी किया। लेकिन शासनादेश की कड़ी शर्तों के चलते प्रदेश में बड़ी संख्या में पीटीए शिक्षक इस परिधि में आने से वंचित रह गए हैं। जबकि प्रदेश से चार जिलों में इस शासनादेश के विपरीत पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानदेय परिधि में लाया गया और 8 जिलों के शिक्षकों को छोड़ दिया गया है।
उत्तराखंड के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सेवारत मानदेय वंचित पीटीए शिक्षक संघ पदाधिकारियों व सदस्यों ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। संघ के पदाधिकारियों ने सीएम को बताया कि अशाकीय स्कूलों के शिक्षक-अभिभावक एसोसिएशन व विद्यालय प्रबंधन को आवश्यकतानुसार निजी स्रोत से पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति का अधिकार है। इन स्कूलों में इसी अधिकार के तहत प्रदेशभर में 200 से अधिक पीटीए शिक्षक नियुक्त किए गए। समय के साथ इन्हीं पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानेदय परिधि में शामिल किया जाता है। वर्ष 2011 में पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानदेय परिधि में लाया गया। लेकिन इसके बाद आज तक पीटीए शिक्षक राजकीय मानदेय परिधि में शामिल किए जाने की राह ताक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिसंबर 2016 में पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानदेय परिधि में लाए जाने के लिए एक शासनादेश जारी किया, लेकिन उसकी शर्तें वर्ष 2011 की नियमावली से अलग व कड़ी रख दी। जिससे प्रदेश के करीब 150 पीटीए शिक्षक इस परिधि में शामिल होने से वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर, चंपावत, अल्मोड़ा व हरिद्वार जिलों में पीटीए शिक्षकों को वर्ष 2016 के शासदनादेश के विपरीत राजकीय मानदेय परिधि में लाया जा चुका है। जबकि 8 जिलों के शिक्षकों को छोड़ दिया गया है। पीटीए शिक्षक वर्ष 2017 से समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हमारी मांगों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। शिक्षकों ने सीएम से पीटीए शिक्षक इसके अलावा कट ऑफ डेट 30 जून 2016 से बढ़ाए जाने, शिक्षा मित्र व शिक्षा बंधुवो की तर्ज पर अध्यापक पात्रता परीक्षा में छूट दिए जाने और पीटीए शिक्षकों के स्थान पर जारी नियमित नियुक्ति की विज्ञप्ति को निरस्त किए जाने की मांग भी उठाई। इस मौके पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाशचंद्र, प्रदेश महामंत्री सुनील धस्माना, चंद्र राम पार्की, निधि पांडेय, दीपा रावत, गीता मिश्रा, ऊषा कोठियाल, पंकज कुकरेती, अंजलि रावत, रेनु रावत, गीता टम्टा, अनूप बडोला आदि मौजूद रहे।

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