पूर्व प्रधानाचार्य हरिचरण चतुर्वेदी पंचत्व में विलीन 

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता व मेहरबान सिंह कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य हरिचरण चतुर्वेदी का बुधवार को गाड़ीघाट स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।
बुधवार को मुक्तिधाम में हरिचरण चतुर्वेदी की चिता को उनके बड़े बेटे पुनीत चतुर्वेदी ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पहुंचे लैंसडौन विधायक दलीप सिंह रावत, विद्या भारती के प्रांत निरीक्षक विजयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में पहुंचे सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच, नागरिक मंच, साहित्यांचल संस्था व प्रेस क्लब कोटद्वार की ओर से शोक सभा का आयोजन कर उनकी आत्मा शांति के प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने कहा कि हरिचरण चतुर्वेदी ने सदैव सामाजिक हितों को लेकर कार्य किया। शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बता दें कि 65 वर्षीय हरिचरण चतुर्वेदी मानपुर में अपनी पत्नी कुसुमलता चतुर्वेदी के साथ रहते थे। मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर पर वह नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नाश्ता करते हुए टेबिल पर गिर गये थे। आस-पड़ोस के लोग उन्हें लेकर राजकीय बेस अस्पताल पहुंचे थे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। हरिचरण चतुर्वेदी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में जिला बौद्धिक प्रमुख, जिला प्रचार प्रमुख, जिला कार्यवाह आदि पदों पर रहे। वह देवभूमि विचार मंच, साहित्यांचल, नागरिक मंच, वरिष्ठ नागरिक मंच, नव वर्ष अभिनन्दन समारोह समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे।

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