राहुल बोले- नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं,गहलोत के मंत्री एक दिन पैदल चलें

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अलवर । राजस्थान में अलवर के मालाखेड़ा में सोमवार को राहुल गांधी ने सभा में कहा, मुझे बीजेपी वाले बुरे नहीं लगते। मैं रास्ते में जाता हूं तो इशारा करके पूछते हैं कि क्या कर रहे हो? मैं उन्हें जवाब देना चाहता हूं कि नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं। आइए आप भी बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलिए। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और अंबेडकर सबने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभा में एलान किया, हम एक कैटेगरी बना रहे हैं। इस कैटेगरी के लोगों को एक हजार 50 रुपये का घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 500 रुपये में देंगे। सिलेंडर अप्रैल से राज्य में मिलेगा। राहुल ने कहा, गरीबों के लिए सबसे बेहतर स्कीम राजस्थान में है। राजस्थान से पहले के राज्य में लोग कहते थे कि हमें किडनी ट्रांसप्लांट करवाना है, पैसा नहीं है। राजस्थान में ऐसा नहीं होता। कल दो लोग मिले। उनसे मैंने उनके इलाज के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि मुफ्त में हुआ। चिरंजीवी योजना ने लाखों लोगों का दर्द मिटाया है, इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए।
राहुल ने कहा, अमित शाह से लेकर सारे बीजेपी नेताओं के बच्चे अंग्रेजी मीडियम स्कूल में जाते हैं और भाषण देते हैं कि अंग्रेजी मत सीखो। वे नहीं चाहते कि गरीब अंग्रेजी सीखे। वे नहीं चाहते कि आप बड़े सपने देखो। मजदूरी से बाहर निकलो। मैं यह नहीं कर रहा हूं कि हिंदी नहीं पढ़नी चाहिए। हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिए, लेकिन अमेरिका, इंग्लैंड, जापान सहित बाकी दुनिया से बात करने के लिए हिंदी काम नहीं आएगी, अंग्रेजी ही काम आएगी। इसीलिए राजस्थान में 1700 अंग्रेजी मीडियम स्कूल शुरू किए गए हैं, लेकिन यह कम है। राजस्थान के हर बच्चे को अंग्रेजी पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा में एक रस्सी है, जिसके अंदर सारे सीनियर नेता रहते हैं। रस्सी के बाहर लोकल नेता रहते हैं। इस रस्सी को तोड़ना पड़ेगा। इसका मतलब है कि हमारे कार्यकर्ता, हमारे लोकल नेताओं की आवाज सरकार और उसके अफिस में सुनाई देनी चाहिए और उससे भी जरूरी है कि राजस्थान के आम आदमी की आवाज हर सरकारी अफिस में सुनी जानी चाहिए।
हम साढ़े तीन हजार किमी चल रहे हैं। चलने से शरीर की कई बीमारियों का इलाज हो जाता है। राजस्थान की पूरी कैबिनेट राजस्थान की सड़कों पर हर महीने में एक बार 15 किमी चले। लोग मिलेंगे तो इससे उनकी समस्या खत्म हो जाएगी। मंत्री जब पैदल चलेंगे तो आदमी टुप नहीं सकता। इससे कांग्रेस पार्टी, राजस्थान और सभी लोगों का फायदा होगा। हमारे आदिवासी भाई-बहनों को ट्राइबल बिल में जो हक दिया गया है, उसे राजस्थान सरकार जल्दी से लागू करके दिखाए। आदिवासी हिंदुस्तान का ओरिजिनल मालिक है।

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