चमोली। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने अतिथि शिक्षकों की निरंतर और समर्पित अध्यापन सेवा को देखते हुए शीघ्र स्थाई नियुक्ति की मांग की है। माध्यमिक अतिथि संघ विकासखण्ड दशोली के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे शिक्षामंत्री के उस बयान का कड़ा विरोध करते हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर अस्थाई दैनिक मानदेय पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। विकासखण्ड कार्यकारिणी ने कहा कि अतिथि शिक्षक 2015 से अब तक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को उच्च स्तर तक पहुंचाने में निरन्तर अपना योगदान दे रहे हैं। फिर भी सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ सरकार से मांग करती है कि अतिथि शिक्षकों को सरकार अतिशीघ्र स्थाई नियुक्ति प्रदान करें जिससे अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। संघ ने कहा कि सरकार और शिक्षा मंत्री द्वारा अनेकों बार आश्वासन दिया गया है कि अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर सरकार चिंतित है और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाने की नीति बना रही है। लेकिन वहीं दूसरी ओर अतिथि शिक्षकों के समायोजन का रास्ता भी बंद कर रही है। पहले ही समायोजन को लेकर उत्तराखंड के माध्यमिक अतिथि शिक्षक अल्प मानदेय में सुदूरवर्ती विद्यालयों में अपना गुजर बसर करने को मजबूर हैं और हर बार पदोन्नति, स्थानान्तरण और नयी भर्ती के कारण मानसिक, आर्थिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं जिसका प्रभाव छात्रों सहित अतिथि शिक्षकों के परिवार को भी झेलना पड़ रहा है। ब्लाक अध्यक्ष ज्योति कपरूवाण ने कहा कि यदि सरकार ने अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए प्रदेश स्तर पर ठोस रणनीति बनाकर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ को मजबूर होकर उग्र आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। त्रिभुवन नेगी, बीएस झिंक्वाण, प्रभात रावत, भूपेंद्र डुंगरियाल, गायत्री राणा, ममता नेगी, सरिता नेगी, देवेन्द्र कनेरी आदि माध्यमिक अतिथि शिक्षकों ने शिक्षामंत्री के बयान पर नाराजगी जताई ।