रोहिग्यांओं को नहीं दी जा सकती शरणार्थियों की संज्ञा: प्रो. एससी गुप्ता

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-विश्व शरणार्थी दिवस पर लॉ विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी।
गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ ला की ओर से विश्व शरणार्थी दिवस पर वर्चुअल कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने शरणार्थी, उनकी स्थिति और अधिकारों के बारे में विस्तार से चर्चा की। वक्ताओ ने कहा कि शरणार्थी किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व की समस्या है। परिचर्चा का उद्देश्य इस समस्या के समाधान व सुझाव की बात करना और छात्रों को इस ओर कार्य करने के लिए आकर्षित करना है।
रविवार को आयोजित कार्यशाला में विधि विभाग के विभागध्यक्ष प्रो. एससी गुप्ता ने कहा कि शरणार्थी की संज्ञा उसी को दी जा सकती है जिसे अपने देश में खतरा है या फिर उसका उत्पीड़न हो रहा है। जिस वजह से वह अपना देश छोड़कर दूसरे देश मे प्रवेश करते हैं और दूसरा देश उन्हें स्वीकार करता है। किसी देश में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों को शरणार्थी की संज्ञा नहीं दी जा सकती है। जैसे रोहिंग्या को शरणार्थी की संज्ञा नहीं दी जा सकती है। नार्थ ईस्र्टन हिल विवि शिलांग के प्रो. शिशिर तिवारी ने शरणार्थी की परिभाषा, भारत में उनकी स्थिति और अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला के दूसरे सत्र में सुरक्षा अधिकारी दानिश शरणार्थी परिषद बंग्लादेश प्रो. सेकुल आलम ने बंग्लादेश में शरणार्थियों की स्थिति, उनके सुरक्षा अधिकारों व स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के बारे में बताया। कार्यशाला में विधि विभाग के शोध छात्रों ने भी प्रतिभाग किया। कार्यशाला में डॉ. ममता राणा, डॉ. आलोक यादव, डॉ. हिमानी बिष्ट, प्रो. रेखा नैथानी, प्रो. एसडी तिवाड़ी, डॉ. विशाल गुलेरिया आदि ने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर निदेशक पौड़ी परिसर आरएस नेगी, पूर्व निदेशक प्रो. केसी पुरोहित, प्रो. यूसी गैरोला, प्रो. रामप्रकाश आदि मौजूद थे।

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