देहरादून। चकराता ब्लॉक के उदांवा गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को आज भी दुर्गम रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव की बदहाली की तस्वीर अनिल चौहान के विवाह के बाद सामने आई, जब दुल्हन शर्मिला को सात फेरों के बाद मुख्य मार्ग से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित ससुराल तक कच्चे रास्तों से होकर पहुंचना पड़ा। यह स्थिति पहाड़ में विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है। उदांवा गांव में सड़क ही नहीं, मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीणों को आवागमन के साथ संचार, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाना हो या आपात स्थिति में सूचना देनी हो, नेटवर्क और सड़क के अभाव में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों के बीच उनके गांव तक बुनियादी सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाई हैं। मुख्यमंत्री के सामने उठेगा सड़क का मुद्दा
विवाह समारोह में शामिल हुए रुद्रसेना के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी ने कहा कि उदांवा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के विभागीय प्रमुख का घेराव किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग जोर-शोर से उठाई जाएगी। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण के लिए जल्द सर्वेक्षण और स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही मोबाइल नेटवर्क की समस्या का भी समाधान किया जाए, ताकि गांव के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े।