सत्र से पहले उठने लगी गैरसैंण को जिला बनाने की मांग

गोपेश्वर। गैरसैंण में आगामी 27 अक्तूबर से विधानसभा सत्र आयोजित होगा। चमोली जिला प्रशासन सत्र को निर्विध्न संपन्न कराने की तैयारियों में जुट गया है। इस बार सत्र से पहले ही गैरसैंण को जिला बनाने की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि गैरसैंण को अलग जिला बनाया जाना चाहिए। जिससे सत्र के अलावा गैरसैंण में वर्षभर कामकाज होता रहे।
विधानसभा सत्र के आयोजन के दौरान चमोली जिला प्रशासन सत्र शुरू होने से करीब एक सप्ताह पहले ही गैरसैंण पहुंच जाता है। विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी वहां डेरा डाल देते हैं। वहीं, पुलिस महकमा भी जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य क्षेत्रों से भी पुलिस बल को गैरसैंण में तैनात कर देता है। इससे जिले के अन्य हिस्सों में यातायात, सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन जाती है।
बहुगुणा विचार मंच के गढ़वाल-कुमाऊं संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी ने कहा कि गैरसैंण को अलग जिला बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आगामी विधानसभा सत्र में सरकार गैरसैंण को जिला बनाने की घोषणा करे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व सदस्य विरेंद्र असवाल का कहना है कि प्रतिवर्ष गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित होते हैं। इसके लिए वहां प्रशासनिक ढांचा स्थापित किया जाना बेहद जरुरी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *