एसडीआरएफ वाहिनी जोलीग्रांट का निरीक्षण एवंम भ्रमण किया डीजीपी ने

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देहरादून। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने एसडीआरएफ वाहिनी जोलीग्रांट का निरीक्षण एवंम भ्रमण किया, उनका पुलिस महानिदेशक पद पर रहते हुए यह उनका प्रथम भ्रमण कार्यक्रम था। कार्यक्रम की शुरुआत नव निर्मित वाहिनी के निर्माण कार्यों के निरीक्षण के साथ आरम्भ हुई, जहां उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही जवानों के लिए बन रही बैरकों की भी सराहना की।
वाहिनी भ्रमण के बाद पुलिस महानिदेशक द्वारा एसडीआरएफ जवानों का सैनिक सम्मेलन लिया एवम संवाद किया। जवानों से उनकी समस्या पूछी गयी साथ ही एसडीआरएफ से सम्बंधित बेहतरीन कार्यो पर सुझाव मांगे, उन्होंने अपने संवाद में कहा कि एसडीआरएफ ने अल्प समय मे जो मुकाम हासिल किया है यह निश्चित ही जवानों के समर्पण, त्याग और प्रबल इच्छा शक्ति की गाथा है ।
एसडीआरएफ स्थापना वर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि डोईवाला में एसडीआरएफ वाहिनी के शिलान्यास कार्यक्रम में में भी आईजी पद पर नियुक्त रहते हुए सम्मलित हुआ था। तब आपदा में प्रतिवादन अत्यंत अल्प रूप में हुआ करता था। एसडीआरएफ के गठन के पश्चात एसडीआरएफ ने आपदा प्रबंधन की नई परिभाषा रची है और नए मुकाम हासिल किए है, विश्वास की नई गाथाएँ बनाई है । अत्यंत कम समय में शीर्षतम बलों की उपस्थिति में एसडीआरएफ को अन्य प्रदेशों में रेस्कयू हेतु बुलाया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय रहा है भविष्य में एसडीआरएफ बल में रेस्कयू के दौरान किसी के जीवन रक्षा जैसी घटना में सम्बंधित का नाम जीवन रक्षा पदक हेतु भी भेजा जाएगा । वर्तमान में एसडीआरएफ ने कोविड – 19 जैसी महामारी में भी अपने कार्यो से आम जनमानस में एक अलग छवि स्थापित की है जिसके लिए उन्होंने बल के जवानों को ओर अधिकारियों को बधाई दी। महानिदेशक द्वारा एसडीआरएफ पत्रिका, % एसडीआरएफ एक परिचय% का विमोचन भी किया, साथ ही नवनिर्मित वाहिनी में बृक्षारोपण कर , पर्यावरण सरक्षण का संदेश भी दिया । पुलिस महानिदेशक के सैनिक सम्मेलन के पश्चात सेनानायक एसडीआरएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा वाहिनी का प्रस्तुतिकरण डिजिटल रूप के साथ किया, जिसके माध्यम से वाहिनी की संरचना, कार्य उद्देश्य, रूपरेखा कोविड काल के दौरान उपलब्धियाँ, प्रशिक्षण, भविष्य की कार्ययोजना एवम जनजागरूकता अभियानों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भविष्य में आपदा प्रतिवादन बल में एक कम्पनी का गठन भी किया जा रहा है। तद्पश्चात एसडीआरएफ की पोस्टों को अन्य स्थानों पर भी नियुक्त किया जायेगा। साथ ही उन्होंने एसडीआरएफ के अत्यधुनिक बल बनाने पर भी चर्चा की और बताया कि एसडीआरएफ में सीबीआरएन टीम के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं । उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा ष्टक्चक्रहृ उपकरणों को भी क्रय कर लिया है । साथ ही टीम के सदस्यों ने आवश्यक ट्रेनिग भी प्राप्त के ली है। कार्यक्रम के अंत मे सेनानायक द्वारा महानिदेशक एवम उपमहानिरीक्षक को वाहिनी प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मान दिया एवम वाहिनी उपसेनानायक अजय भट्ट द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया।
वाहिनी भ्रमण एवम निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक के साथ ही , नीलेश भरणे पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवम कानून व्यवस्था , नवनीत भुल्लर सेनानायक एसडीआरएफ , अजय भट्ट उपसेनानायक, श्रीमती जया बलूनी पुलिस महानिदेशक के सहायक/अपर पुलिस अधीक्षक, कमल सिंह पंवार सहायक सेनानायक एसडीआरएफ , अनिल शर्मा सहायक सेनानायक एसडीआरएफ , राजीव रावत शिवीरपाल एसडीआरएफ , इंस्पेक्टर प्रवीण आलोक, इंस्पेक्टर जगदंबा बिजल्वाण इंस्पेक्टर अमित चौहान ,इंस्पेक्टर ललिता नेगी, इंस्पेक्टर अनिता गैरोला, सबइंस्पेक्टर जयपाल राणा, सब इंस्पेक्टर विजय रयाल इत्यादि मौजूद थे मंच संचालन निरीक्षक प्रमोद रावत ने किया।

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