छठी क्लास के बच्चे का कमाल, चेस में 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों को हराकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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हैदराबाद, विश्वनाथन आनंद, प्रज्ञानानंद, डी गुकेश जैसे शतरंज के महान खिलाड़ी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर चुके हैं. इस बीच तमिलनाडु के छठी क्लास के एक छात्र भरत कुमार ने ‘फ्रीस्टाइल चेस’ की मुश्किल कैटेगरी में 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों को हराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया.
नियमित शतरंज मैचों में, इस्तेमाल किए जाने वाले सभी मोहरों को एक खास क्रम में रखा जाता है. हालांकि, ‘फ्रीस्टाइल शतरंज’ या ‘चेस 960’ नाम के खेल में, सिर्फ प्यादे ही अपने क्रम में होते हैं. उनके पीछे के मोहरे – राजा, रानी, बिशप, घोड़ा और बिशप – आपस में बदल दिए जाते हैं.
कहा जाता है कि इस खेल को चेस 960 इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें मोहरों की कुल 960 अलग-अलग स्थितियां हो सकती हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व शतरंज विश्व चैंपियन, बॉबी फिशर ने सबसे पहले चेस 960 के इस खेल को पेश किया था. साथ ही, आप इसे शुरुआती चालों को याद करके नहीं खेल सकते. आपको हर बार नई रणनीतियां अपनानी होंगी. इसलिए, इसे एक बहुत मुश्किल मुकाबला माना जाता है.
भरत कुमार तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के रहने वाला है. उसकी उम्र केवल 11 साल है और वो छठी क्लास में के छात्र है. उनके पिता सेल्वा मणिकंदन पलयानकोट्टई एक शतरंज कोच और इंटरनेशनल शतरंज आर्बिटर हैं. उनके बेटे ने ‘चेस 960’ कैटेगरी में ‘वर्ल्ड नोबेल रिकॉर्ड’ अवॉर्ड जीतकर भारत और तमिलनाडु को गर्व महसूस कराया है.
भरत कुमार ने इस मुश्किल खेल में एक ही समय में 50 शतरंज खिलाड़ियों के साथ मुकाबला किया. खास तौर पर, उन्होंने 50 अलग-अलग स्थितियों में रखे गए मोहरों के साथ भी लगातार 6 घंटे तक खेला और सभी खिलाड़ियों को हराकर एक बड़ी जीत दर्ज की.
हालांकि कहा जाता है कि एक खिलाड़ी के खिलाफ यह फ्रीस्टाइल चेस गेम जीतना बहुत मुश्किल है, लेकिन भरत कुमार की 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों के खिलाफ जीत ने सभी को हैरान कर दिया है. उनकी इस शानदार प्रतिभा को पहचानते हुए, ‘वर्ल्ड नोबेल रिकॉर्ड’ संगठन ने हाल ही में भरत कुमार को वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है.

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