नई दिल्ली, एजेंसी। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देश की सभी अदालतों और अधिकरणों में वीडियो कांफ्रेंस के साथ-साथ व्यक्तिगत उपस्थिति के साथ सुनवाई बहाल करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर वह चार हफ्तों बाद सुनवाई करेगा। पीठ ने कहा- शीर्ष न्यायालय की ई-कमेटी सुनवाई को लेकर कुछ निर्णय कर रही है प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना तथा वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि वह इस विषय को लंबित रखेगी, क्योंकि शीर्ष न्यायालय की ई-कमेटी कुछ निर्णय कर रही है। याचिकाकर्ता ने कहा- शारीरिक सुनवाई बहाल करने को लेकर संघर्ष चल रहा है
पीठ ने याचिकाकर्ता एमएल शर्मा से कहा, हम इसे लंबित रखेंगे। हमारी ई-कमेटी कुछ निर्णय कर रही है। हम इससे आपको भी अवगत कराएंगे। सुनवाई की शुरुआत में ही शर्मा ने कहा कि शारीरिक सुनवाई बहाल करने को लेकर कई तरह का संघर्ष चल रहा है। इस पर पीठ ने कहा कि हम संघर्षो से नहीं डरते।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कोरोना महामारी के कारण पिछले साल मार्च से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मामलों की सुनवाई कर रहा है। हालांकि, कई बार संगठन और वकील अदालत में शारीरिक उपस्थिति के साथ मामलों की सुनवाई फौरन बहाल करने का अनुरोध कर रहे हैं। शीर्ष अदालत 15 मार्च से हाईब्रिड फिजिकल सुनवाई शुरू करेगा और इस उद्देश्य के लिए हाल ही में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।