सुशांत केस में उलझी 2 राज्यों की पुलिस

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महाराष्ट्र पुलिस कमिश्नर बोले- ये हमारा अधिकार क्षेत्र
नई दिल्ली, एजेंसी।। बलीवुड एक्टर सुशांत सिंह की खुदकुशी केस का रहस्य जहां एक ओर गहराता जा रहा है और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस मामले में दो राज्यों की पुलिस भी भिड़ती हुई दिखाई दे रही है। मुंबई पुलिस पर सहयोग न करने के आरोप और पटना एसपी सिटी को क्वारंटाइन करने की खबर सामने आने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वे उनका अधिकार क्षेत्र है।
मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा, हमने देखा उन्हें (बिहार पुलिस) एक बड़ी कार में और उसके बाद एक अटो में। उन्होंने हमें कार के लिए नहीं कहा। उन्होंने हमें केस के लिए डक्यूमेंट्स मांगे। हमने उनसे कहा कि यह हमारा अधिकार क्षेत्र है। परमबीर सिंह ने आगे कहा, उन्हें यह साझा करना चाहिए कि कैसे वे हमारे अधिकार क्षेत्र में आ गए। हम इसकी जांच के लिए कानूनी राय ले रहे हैं।
मुंबई पुलिस के प्रमुख परमबीर सिंह ने सोमवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आवास पर 13 जून को कोई पार्टी नहीं हुई थी। इसके अगले दिन ही वह यहां के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि मुंबई पुलिस की जांच में किसी भी नेता का नाम सामने नहीं आया है। सिंह ने कहा कि बिहार की पुलिस टीम के साथ सहयोग नहीं करने का सवाल ही नहीं है। बिहार पुलिस की एक टीम सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच के लिए महानगर आई हुई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस मामले में मुंबई पुलिस कानूनी मशविरा कर रही है।
जबकि बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि रिया चक्रवर्ती हमारी आरोपी है, हमारी पुलिस जांच कर रही है, सबूत मिलते ही अब रिया की गिरफ्तारी करेंगे। डीजीपी ने कहा कि मुंबई पुलिस हमें जांच करने नहीं दे रही है। अभी तक सुशांत के पैसे को लेकर कोई जांच ही नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हमारे आईपीएस से बंदी जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
टीवी न्यूज में डीजीपी ने कहा कि अभी हमारे पास सबूत नहीं है। हमारी टीम मुंबई इसी लिए वहां गई है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी बेगुनाह को गिरफ्तार नहीं करेंगे हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन अगर सबूत मिले तो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। सबूत मिलते ही गैर जमानती वारंट जारी होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस हमें सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग मुबंई पुलिस के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस को हमें सहयोग करना होगा।
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार को दावा किया कि पटना के आईपीएस विनय तिवारी बलीवुड अभिनेता की मौत की जांच के सिलसिले में मुंबई गए थे जहां महानगर के नगर निकाय अधिकारियों ने उन्हें जबर्दस्ती क्वारंटाइन में भेज दिया। पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही है और मामले की जांच हर संभावित बिंदु से की जा रही है।
सिंह ने कहा कि इस तरह की खबरें हैं कि अभिनेता को बाइपोलर बीमारी थी और उनका उपचार चल रहा था तथा वह इसकी दवा ले रहे थे। उन्होंने कहा, श्श्किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई, यह हमारे लिए जांच का विषय है। मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज करने के बाद जांच चल रही है और मुंबई पुलिस ने अभी तक 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
उन्होंने बताया कि सुशांत की बहन के भी बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की आठ जून को हुई मौत से उन्हें जोड़े जाने के कारण अभिनेता दुखी थे। महाराष्ट्र के एक प्रमुख युवा नेता के नाम का सोशल मीडिया पर जिक्र किए जाने के बारे में पूछने पर सिंह ने कहा, श्श्अभी तक की जांच में किसी नेता का नाम नहीं आया है। किसी भी पार्टी के किसी भी नेता के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।
उन्होंने कहा, बिहार पुलिस की प्राथमिकी में कहा गया है कि सुशांत के खाते से 15 करोड़ रुपये निकाले गए। जांच के दौरान हमने पाया कि उनके खाते में 18 करोड़ रुपये थे, जिनमें से साढ़े चार करोड़ रुपये अब भी हैं।उन्होंने कहा कि सुशांत की पूर्व गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के खाते में सीधे धन अंतरण की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जांच के दौरान फरेंसिक विशेषज्ञों और चिकित्सकों से परामर्श किया है।
उन्होंने कहा, हमने उनके घर के 13 और 14 जून के सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं लेकिन वहां पार्टी होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।श्श् उन्होंने कहा, सुशांत के पिता, बहन और बहनोई के बयान 16 जून को दर्ज किए गए। उस वक्त उन्होंने न तो कोई संदेह जताया, न ही हमारी जांच में किसी तरह की खामी की शिकायत की। पुलिस आयुक्त ने कहा, बिंदु से जांच की जा रही है, चाहे पेशेवर प्रतिद्वंद्विता हो, वित्तीय लेन-देन हो या स्वास्थ्य का पहलू हो।

सुशांत केस : क्वारंटाइन होने के डर से मुंबई में अंडरग्राउंड हुई पटना पुलिस
पटना । पटना के एसपी सिटी विनय तिवारी के क्वारंटाइन किए जाने के बाद अब वहां मौजूद एसआईटी को बीएमसी के लोग ढूढ़ रहे हैं। इस कारण सोमवार को एसआईटी कुछ देर तक काम करने के बाद अंडरग्राउंड हो गई। एसआईटी को जानबूझकर परेशान करने के लिये ऐसा किया जा रहा था। आरोप है कि मुंबई पुलिस के इशारे पर ये सबकुछ हो रहा है ताकि पटना पुलिस अपनी जांच पूरी न करे सके। सूत्रों की मानें तो दोपहर के एक बजे पटना पुलिस की टीम को जानकारी मिली कि बीएमसी के लोग सभी अफसरों को तलाश रहे हैं। उनका पता पूछा जा रहा है। कई जगहों पर बीएमसी के लोगों ने पटना पुलिस के कर्मियों की तलाश भी की लेकिन जब वे नहीं मिले तो बीएमसी के लोग वापस चले गये।
जांच करने गए पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को वहां पर रविवार की रात जबरन क्वारंटाइन किये जाने से बिहार और महाराष्ट्र के बीच विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधानमंडल सत्र में भाग लेने जाने के क्रम में पत्रकारों से बातचीत में उक्त घटना पर नाराजगी जतायी है। उन्होंने कहा कि सिटी एसपी को क्वारंटाइन करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सरकार की तरफ से डीजीपी ने पूरी सूचना दी है। बिहार के डीजीपी खुद भी वहां के डीजीपी से बात करेंगे। पत्रकारों द्वारा यह पूटे जाने पर कि क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से आप बात करेंगे, इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजनीतिक बात नहीं है। सीधे जो कानूनी जिम्मेवारी है, बिहार पुलिस के प्रति, उसे हम निभा रहे हैं। उसी के अनुसार अनुसार काम हो रहा है। विधानमंडल सत्र में भाग लेने जाने के क्रम में मुख्यमंत्री राजधानी वाटिका में वृक्षों को रक्षासूत्र बांधा और वहीं पर पत्रकारों ने उनसे यह सवाल किया।
दूसरी ओर, सोमवार को ज्ञानमंडल परिसर में बुलाई गई विधानमंडल के एक दिवसीय मानसून सत्र में भी महाराष्ट्र पुलिस का रवैया छाया रहा। दोनों सदनों में महाराष्ट्र पुलिस के रवैये पर सदस्यों ने आक्रोश जताया। बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या के इस मामले की जांच सीबीआई को सौपनें की मांग गूंजी।

पिता का बड़ा खुलासा- मुंबई पुलिस को फरवरी में आगाह किया था, खतरे में है सुशांत की जान!
नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने एक वीडियो जारी करके बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि फरवरी में ही बांद्रा पुलिस को बताया था कि सुशांत की जान खघ्तरे में है। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस वीडियो को कंगना रनोट की टीम ने रीट्वीट करके भ्रष्ट सिस्टम पर आरोप लगाये हैं।
सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में सोमवार को एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया, जब मुंबई के पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने प्रेस कन्फ्रेंस करके केस के बारे में अब तक का अपडेट दिया। इस अपडेट में उन्होंने बताया था कि सुशांत के परिवार का स्टेटमेंट मुंबई पुलिस ने दर्ज किया था। उन्होंने हत्या की आशंका नहीं जताई थी। शाम को सुशांत के पिता केके सिंह का एक वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई ने शेयर किया, जिसमें उन्होंने मुंबई पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया था।
इस वीडियो में केके सिंह कहते हैं कि 25 फरवरी को मैंने मुंबई पुलिस को आगाह किया था कि मेरे बेटे सुशांत की जान को खघ्तरा है। परंतु उन्होंने कुछ नहीं किया। 14 जून को जब मेरे बेटे की जान चली गयी तो हमने 25 फरवरी में नामित लोगों के खघ्लिाफ एक्शन लेने को कहा, 40 दिन बीतने के बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हारकर में पटना गया और अपने थाने में एफआईआर दर्ज की। पटना पुलिस तुरंत एक्शन में आयी। परंतु मुजरिम अब भाग रहे हैं। हम सभी को चाहिए कि हम पटना पुलिस की मदद करें।

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