जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में इंटरनेशनल प्रोसेस एक्सीलेंस काउंसिल के रिसोर्स पर्सन दीपक द्विवेदी ने लीन सिक्स सिगमा के माध्यम से समस्याओं को समाधान में बदलने तथा संस्थागत प्रक्रियाओं को बेहतर प्रदर्शन में परिवर्तित करने की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को लीन सिक्स सिगमा व्हाइट बेल्ट के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रमाणपत्र माननीय विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने प्रदान किए। उन्होंने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में गुणवत्ता प्रबंधन, प्रक्रियाओं में सुधार और आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ प्रबंधन संबंधी कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कोटद्वार महाविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग में एक्सीलेंस प्रोसेसिंग सेल स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को गुणवत्ता आधारित कार्यप्रणाली तथा संस्थागत उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों से प्रतिभाग करने वाले प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को भी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय के अनुसार, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार को भारत का प्रथम ऐसा महाविद्यालय होने का गौरव प्राप्त हुआ है, जहां बायोटेक्नोलॉजी, वनस्पति विज्ञान एवं बी.जे.एम.सी. विभागों के अधिकांश छात्र-छात्राओं ने लीन सिक्स सिगमा व्हाइट बेल्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया। कार्यशाला का आयोजन एवं संचालन महाविद्यालय के आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आर.के. द्विवेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रक्रियागत सुधार, गुणवत्ता प्रबंधन और भविष्य की रोजगारपरक क्षमताओं से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।