पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एकजुट हुए शिक्षक-कर्मचारी

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चम्पावत। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले 16 अप्रैल को होने वाले संवैधानिक मार्च को सफल बनाने के लिए उन्होंने लोहाघाट, पाटी और बाराकोट के कार्यालयों और स्कूलों में जनसंपर्क किया। एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष गोविंद मेहता के नेतृत्व में शिक्षक और कर्मचारियों ने 16 मार्च को चम्पावत मुख्यालय में होने वाले संवैधानिक मार्च को सफल बनाने के लिए एकजुट होने के लिए कहा। जिलाध्यक्ष मेहता ने बताया कि रविवार को सुबह जिला मुख्यालय चम्पावत में गौरल चौड़ मैदान से संवैधानिक मार्च जीआईसी चौक तक निकलेगा। इसके बाद चम्पावत के उत्तराखंड रोडवेज परिवहन निगम के बस अड्डे पर वह डीएम नरेन्द्र सिंह भंडारी के माध्यम सीएम को ज्ञापन देंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 के बाद सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को खत्म कर दिया था। इसके बाद शेयर बाजार में आधारित नई पेंशन योजना लागू कर दी थी। इससे सेवानिवृत होने वाले कर्मियों को एक हजार से लेकर 2700 रुपया तक पेंशन मिल रही है। जो कि 60 साल की राजकीय सेवा करने बाद कर्मचारी के साथ अन्याय है।
ये रहे जनसंपर्क में मौजूद
जनसंपर्क में जिला महामंत्री प्रकाश तड़ागी, ब्लक अध्यक्ष नरेश जोशी, मुख्य संरक्षक गोविंद बोहरा, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष नगेंद्र जोशी, राशिसं जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी, कुंवर प्रथोली, शंकर अधिकारी, संजय कुमार, कैलाश फत्र्याल, नवीन पांडेय, सुनील पांडे, प्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।

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