काश्तकारों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग की

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रुद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत बजीरा, जखोली, कपणियां, बरसिर, मयाली में बंदरों व जंगली जानवर काश्तकारों के लिए मुसीबत बन गए हैं। फसल, सब्जी,कीवी सहित अन्य काश्तकारी को बचाने के लिए काश्तकार रात-रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। काश्तकारों का कहना है कि इन क्षेत्रों में पिछले कई सालों से सूअर, सांभर और बंदरों का आतंक बना हुआ है। काश्तकार महावीर सिंह राणा ने बताया कि वन विभाग आसपास के क्षेत्रों से बंदरों को पकड़ कर बजीरा गांव को प्रयोगशाला बना रहा है। दिन में बंदर फसलों को चौपट कर रहे हैं तो शाम होते ही सूअर फसलों को रौंद रहे हैं। जंगली सूअरों ने इन गांवों की उपजाऊ भूमि को खोद खोदकर तहस नहस कर दी है। यहां तक कि लोगों ने पशुओं के लिए रखा गया चारा घास,चरी,बाजरा व अन्य घास भी सुरक्षित नहीं है और उसकी भी सूअरों ने खोदाई कर मिटटी में मिला दिया है। काश्तकारों का कहना है कि आदमी करे तो करें क्या,कुछ समझ नहीं आता। उन्होंने कहा है कि बंदर सब्जी व कीवी को भी रौंदकर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग रात को फसलों की राखवाली करें या दिन को, यही दुविधा उन्हें सता रही है।

 

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