बांध विस्थापितों और प्रभावितों को पुर्नवास नीती का लाभ नहीं

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नईटिहरी। माकपा की राज्य काउंसिल के सदस्य भगवान सिंह राणा ने 23 वर्ष बीतने के बाद भी टिहरी बांध विस्थापितों और प्रभावितों को पुर्नवास नीति 1998 के प्रावधानों का फायदा नहीं दिये जाने पर नाराजगी जाहिर की। टिहरी बांध से अरबों की आय हो चुकी है। यूपी और उत्तराखंड को रायल्टी भी मिल रही है। पर प्रभावित परिवारों को सस्ती बिजली नहीं मिल पाई है। अब भाजपा का फ्री बिजली देने का एलान सिर्फ चुनावी जुमला है। प्रेस को जारी बयान में राणा ने कहा कि 1998 में बनी पुर्नवास नीति के तहत बांध प्रभावितों और विस्थापितों को बिजली के सिर्फ 15 रुपये लिए जाने थे। पुनर्वास नीति में स्पष्ट उल्लेख भी है। पर राज्य सरकार इस पर अमल नहीं करवा पाई। अगर यह हक टिहरी बांध के प्रभावित परिवारों को मिल गया होता तो इस आधार पर पूरा उत्तराखंड भी सस्ती बिजली लेने का हकदार हो सकता था। अब चुनाव नजदीक आता देख कैबिनेट मंत्री हरक सिंह फ्री बिजली की घोषणा कर रहे हैं, जबकि टिहरी बांध प्रभावितों तक को उनका वाजिफ हक नहीं मिल पाया।

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