15 नवंबर को बंद होंगे यमुनोत्री के कपाट

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उत्तरकाशी : विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री मंदिर के कपाट आगामी 15 नवंबर को भैया दूज के मौके पर देश विदेश के आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद कर दिए जाएंगे। भैयादूज पर सुबह ठीक 11 बजकर 57 मिनट पर विधिवत पूजा अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिजीत मुहूर्त पर धाम के कपाट बंद होंगे। जिसके बाद शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में होंगे।
मंगलवार को विजयदशमी के अवसर पर यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहितों ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद कपाट बंद का शुभ मुहूर्त निकाला। यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष व एसडीएम मुकेश चंद रमोला तथा सचिव सुरेश उनियाल ने बताया कि मंगलवार को दशहरे के अवसर पर विधिवत रूप से यमुनोत्री के कपाट बंद किए जाने का मुहूर्त तय किया गया। पौराणिक परंपरानुसार, भैया दूज के पावन पर्व पर 15 नवंबर को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यमुनोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जायेंगे। जिसके बाद मां यमुना की डोली यमुनोत्री धाम से शनि देव की डोली की अगुवाई में अपने शीतकालीन प्रवास खुशीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में छह माह तक मां यमुना की पूजा अर्चना उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ में होगी तथा यहीं पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। मुहुर्त तय करने वालों में सचिव सुरेश उनियाल, श्री पंच पंडास समिति यमुनोत्री धाम के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, श्री केदार बद्री मंदिर समिति के सदस्य जयप्रकाश उनियाल, यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल, मंदिर समिति के सदस्य अरविंद उनियाल, माँ यमुना शीतकालीन प्रवास खरसाली खुशीमठ मंदिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद उनियाल शामिल थे। (एजेंसी)

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