रुड़की। शनिवार शाम को मस्जिदों से रमजान के चांद का एलान होते ही लोगों के चेहरे पर खुशियां छा गई। लोगों ने एक दूसरे को रमजान की मुबारक दी। सोशल मीडिया पर भी बधाई का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मस्जिदों, घरों और इबादतगाहों में कुरान की तिलावत और तरावीह की नमाज अदा की गई। महिलाओं ने अपने अपने घरों में तरावीह की नमाज पढ़ी और दुआए मांगी। शुक्रवार से ही लोग आज से शुरू होने वाले रोजे की सहरी और इफ्तार की तैयारियों में जुट गए थे। रमजान के महीने में मुस्लिम बहुल इलाकों में आमतौर पर देर रात तक चहल-पहल रहती है। मौलाना परवश ने कहा कि रमजान के महीने का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है।रोजेदार अपना अधिकतर समय इबादत में गुजारेंगे। और देश में अमनो अमान की दुआ करेंगे।
रमजान शुरु, 30 दिनों तक हर रोज रखेंगे रोजा
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुस्लिम समाज का सबसे पवित्र महीना रमजान शुरू हो गया हैं। इस पूरे महीनें में मुस्लिम समाज के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं। रोजा रखते हैं। रमजान का महीना चांद देखने के बाद शुरू होता है और चांद दिखने पर ही ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता हैं।