छात्र-छात्राओं को बताया इगास का महत्व

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शिशु मंदिर जानकीनगर में आयोजित किया गया कार्यक्रम
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: शिशु मंदिर जानकीनगर कोटद्वार में इगास पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इजास पर्व के महत्व के बारे में बताया।
गुरुवार को विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य प्रदीप नौटियाल ने विद्यार्थियों को इगास पर्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। इसलिए इस तिथि को देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार, भगवान राम के अयोध्या पहुंचने की सूचना गढ़वाल में 11 दिन बाद मिली थी। इसलिए गढ़वाल में 11 दिन बाद इगास पर्व मनाया जाता है। एक मान्यता यह भी है कि गढ़वाल के शूरवीर माधो सिंह भंडारी दीपावली के अवसर पर तिब्बत में युद्ध करते समय इतना उलझ गए थे कि दीपावली पर्व तक घर नहीं पहुंच पाए थे। तब गढ़वाल के लोगों ने दीपावली नहीं मनाई थी। लेकिन, 11 दिन बाद जब वह वापस लौटे तो इगास पर्व मनाया गया। इस मौके पर शिक्षक अंचल कुमार अग्रवाल, योगेश नेगी, गीता रावत, सुनीता पंत, पारखी, कीर्ति द्विवेदी, शिवानी बलोधी, अंजू, श्रेया चौधरी आदि मौजूद रहे।

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