देहरादून। बीमा पलिसी के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उस पर दून निवासी बुजुर्ग से 43 लाख रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी छह साल से दिल्ली में रहकर नेटवर्क चला रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने शनिवार को हुई प्रेसवार्ता में इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि तीन मई को अनसूया प्रसाद थपलियाल(82) निवासी राजेंद्र नगर देहरादून ने अनलाइन धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। थपलियाल ने अपने बंद पड़ी बीमा पलिसी को दोबारा चालू करने और धनराशि वापस प्राप्त करने के लिए अनलाइन सर्च किया था। इसके बाद कुछ लोग उनके संपर्क में आए। आरोपियों ने खुद को बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण(आईआरडीए) और एकीत शिकायत प्रबंधन प्रणाली(आईजीएमएस) का कर्मचारी बताया। उन्होंने बीमा पालिसी नंबर और व्यक्तिगत जानकारी बताकर बुजुर्ग को विश्वास में लिया। बताया गया कि पलिसी को केंसिल कराने के लिए प्रोसेसिंग चार्ज जमा करना होगा। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम(एनपीसीआई), बीमा कंपनी, इनकम टैक्स आदि विभागों के कर्मचारियों के नाम पर उन्हें कल आए। आरोपियों ने फंड वापस दिलाने के लिए थपलियाल से 4323351 रुपये जमा करने को कहा। एसटीएफ ने जांच में पाया कि धनराशि दिल्ली के खातों में जमा हुई। टीम ने धोखाधड़ी में प्रयुक्त नंबरों की पड़ताल शुरू की। लंबी छानबीन के बाद अजीत कुमार पुत्र बृजनन्दन शर्मा निवासी भडाना मौहल्ला दल्लूपुरा गांव ईस्ट दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से छह मोबाइल, कई सिम कार्ड, चौक बुक, दो रजिस्टर और 47 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है।