जिंदगी पर भारी पड़ रही लापरवाही, मृतका के स्वजनों को मिले मुआवजा

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सतपुली क्षेत्र के अंतर्गत सरोडा-मरोडा मध्य नयार नदी में गिरने से हुई थी बलिका की मौत
ग्राम मरोड़ा के वन सरपंच सुखपाल सिंह ने उठाई पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सतपुली क्षेत्र के अंतर्गत सरोड़ा-मरोडा के मध्य संकरा मार्ग ग्रामीणों के जीवन पर भारी पड़ रहा है। दो दिन पूर्व ग्राम सरोड से मरोडा जाने के दौरान मार्ग पर पैर फिसलने से नयार नदी में गिरी एक बालिका की मौत हो गई थी। ग्राम मरोड़ा छोटा के वन सरपंच सुखपाल सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
जिलाधिकारी को भेजे पत्र में सुखपाल सिंह ने बताया कि 14 वर्षीय शैली पुत्री अशोक कुमार सरोडा की दुकान में सामान खरीदने के बाद वापस अपने नानी के गांव जा रही थी। इसी दौरान सराड़ा- मरोडा के मध्य पैदल संकीर्ण मार्ग पर उसका पैर फिसलने से वह नयार नदी में गिर गई थी। जिसके कारण बलिका की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची राजस्व पुलिस ने पंचनामा भर शव स्वजनों को सौंप दिया था। बताया कि उक्त संकरे मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। मार्ग पर पूर्व में ऊपर से पत्थर गिरने के कारण पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। शिकायत के बाद भी मार्ग के किनारे रेलिंग तक नहीं लगवाई गई। बताया कि ग्रामीणों के लिए नदी पार करने के लिए एक झूला पुल बनाया गया है। लेकिन, यह पुल गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। पुल तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को संकरे मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है। कहा कि यदि उक्त झूलापुल को गांव के नजदीक कम स्पान वाले स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाता है तो ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही इससे आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से पुल को उचित स्थान पर स्थानांतरित करने के साथ ही बालिका के स्वजनों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।

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