इंटर्न डाक्टरों की सुध नहीं लेने पर आक्रोश .. आंदोलन की चेतावनी

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देहरादून। प्रदेश के तीनों मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डाक्टरों की सरकार द्वारा सुध नहीं लेने पर उनमें आक्रोश है। उन्होंने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। इंटर्न युवा देश में सबसे कम स्टाइपेंड 7500 रुपये को बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। जो पिछले 11 साल में नहीं बढ़ा है। अन्य प्रदेशों में 12 से 17 हजार रुपये स्टाइपेंड है, जबकि केंद्र के अस्पतालों में 23500 स्टाइपेंड मिलता है। डाक्टरों का कहना है कि वह भी बराबर काम करते हैं। वहीं कोरोना में उन्होंने जोखिम के बीच कोरोना वार्डों में काम किया। इसके बाद भी सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से लेकर उच्चाधिकारियों, मंत्रियों एवं सीएम तक को पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा वो काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं और कॉलेजों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी कोई सुध सरकार द्वारा नहीं ली गई है। ट्विटर पर उनका आंदोलन जोर पकड़ रहा है। वहीं नेशनल मीडिया में भी आंदोलन की धमक है और बड़ी हस्तियों समेत सियासी एवं सामाजिक संगठनों ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। वहीं श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में अफसरों द्वारा कई डाक्टरों को नोटिस देने से भी उनमें आक्रोश हैं। प्रबंधन की ओर से इसे अनुशासनहीनता बताकर मानदेय काटने तक की चेतावनी दी। कई का स्पष्टीकरण भी तलब किया गया। वहीं इंटर्न का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में वह सीएम से मुलाकात करने जा रहे हैं। समय मांगा गया है। जल्द ही मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई जाएगी। वहीं प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डा. आशुतोष सयाना कहते हैं कि इंटर्न के मानदेय बढ़ाए जाने संबंधी पत्रावलियों पर शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है। जल्द ही शासन स्तर पर इस संबंध में फैसला होने की उम्मीद है। इंटर्न से अपील है कि वो धैर्य रखे।

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