जिपं में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं : जिपं अध्यक्ष

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बागेश्वर। जिला पंचायत सदस्यों से जिला पंचायत अध्यक्ष की वार्ता विफल हो गई है। जिपं अध्यक्ष ने आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विकास कार्य को बाधित करने का भी आरोप लगाया। वहीं आंदोलनरत जिपं सदस्य धरने पर डटे हुए हैं। बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव 14 दिनों से धरने पर बैठे कुछ जिला पंचायत सदस्यों से बातचीत करने के लिए कार्यालय परिसर में पहुंची। उन्होंने धरने में बैठे जिला पंचायत सदस्यों को उठाए जा रहे सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जिपं में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है। पंचायीराज अधिनियम के अनुसार सदन चलाया जा रहा है। नियोजन समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। समिति ने बजट सभी जिला पंचायत सदस्यों की सामान्य बैठक में जारी किया है। अध्यक्ष ने 55 प्रतिशत बजट विवेकाधीन से बांटने का आरोप भी सही नहीं है। 15 वें वित्त की कार्ययोजना अपलोड करने के शासन ने अंतिम तिथि सात जून तय की हुई थी। कर्मचारियों के प्रमोशन आदि का आरोप भी बेबुनियाद है। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती ने कहा कि सारे सवालों के जवाब प्रपत्र दिखाकर दे दिए गए हैं। इसके बाद भी धरना देने के पीछे मंशा समझी जा सकती है। उन्होंने कहा कि शामा के जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी ने सदन की कार्रवाई के दस्तावेजों से सदन के सामने छेड़खानी की थी। उनके इससे बड़ा प्रमाण छल-कपट का क्या हो सकता है। अधिकारी-कर्मचारी को डराने, धमकाने का कार्य किया जा रहा है। धरने पर बैठे जिला पंचायत सदस्यों को खोखली राजनीति कर विकास कार्य में बाधा ना पहुंचाकर अपने क्षेत्र के हितों के बारे में सोचना चाहिए। इधर जिला पंचायत सदस्यों का धरना जारी रहा। इस अवसर पर जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, हरीश ऐठानी, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रेखा देवी, इंदिरा देवी, रूपा देवी, सुरेश सिंह खेतवाल आदि बैठे। अखिल भारतीय किसान महासभा ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया।

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