आने वाला समय योग और संस्त कारू प्रो़ अन्नपूर्णा

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नई टिहरी। हेमवती नंदन गढ़वाल केन्द्रीय विवि की कुलपति प्रो़अन्नपूर्णा नौटियाल ने नई शिक्षा नीति को देश का गौरव बताते हुए कहा कि इसमें नवाचार, भारतीय भाषाओं को महव दिया जाना, क्रेडिट सिस्टम व्यवस्थाएं छात्र ही नहीं बल्कि देश हित में भी हैं। यह नीति आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना में मील का पत्थर साबित होगी।
केन्द्रीय संस्त विवि परिसर के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग में न्याय दर्शन विभाग द्वारा भारतीय दर्शन दिवस पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ पर कुलपति अन्नपूर्णा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने कहा कि हमारा दर्शन विचारों की उच्चतावाला है। कहा आने वाला समय योग और संस्त का है। कुछ वर्षों से भारत ही नहीं विदेश में भी लोगों का रुझान संस्त भाषा की ओर बढ़ने लगा है। योग को भले ही कुछ लोगों ने योगा के स्वरूप में ढाल दिया है, लेकिन वह भारत के ही ज्ञान का हिस्सा है। कहा हमारे शास्त्रों में केवल नीति निरूपण ही नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के सूत्र भी हैं। परिसर निदेशक प्रो़ एम चन्द्रशेखर ने कहा कि कोई भी विषय दर्शन से अटूता नहीं है। भारतीय दर्शन विराट ज्ञान का आधार है, यहां केाषि-मुनियों, दार्शनिकों और चिंतकों का ज्ञान आज विश्व के विश्वविद्यालयों में बांटा जा रहा है। कहा केंद्रीय संस्त विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ परिसर को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए वह तसंकल्प हैं।

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