डाकघर में अनियंत्रित भीड़, कोरोना फैलने का बना खतरा

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
समाजसेवी पूर्व प्रधानाचार्य विनोद चंद्र कुकरेती ने डाकघर अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल से कोरोना माहमारी पर रोक लगाने के लिए डाकघरों में पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही डाक वितरकों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि डाकघरों में अनियंत्रित भीड़ से कोराना फैलने का खतरा बना हुआ है। श्री कुकरेती ने कहा कि डाक वितरण की व्यवस्था पिछले लंबे समय से बहुत ही त्रुटि पूर्ण है, जिस कारण डाक समय से नहीं मिल पाती है।
पूर्व प्रधानाचार्य विनोद चंद्र कुकरेती ने डाकघर अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल को भेजे पत्र में कहा कि प्रधान डाकघर कोटद्वार में अनियंत्रित भीड़ से कहीं भी नहीं लग रहा है कि कोरोना माहमारी का दौर चल रहा है। डाकघर में कोविड गाइड लाइन का उल्लघंन करने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डाकघर प्रशासन की ओर से कोई भी सुरक्षा कर्मी/गार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मियों से सहयोग लिया जाना चाहिए। कोविड माहमारी के दौरान जिस तरह से बैंकों में ग्राहकों के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है उसी तरह डाकघर में भी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि डाक प्रशासन ने कोटद्वार प्रधान डाकघर को पर्याप्त डाक सहायक/ लिपिक उपलब्ध नहीं कराए हैं, जिस कारण कार्यरत कर्मचारियों पर काम का दबाव बहुत है और वे आम जन को सुविधाजनक सेवा नहीं दे पा रहे हैं। कुछ काउंटर्स जैसे रजिस्ट्रेशन, स्पीड पोस्ट, मनीआर्डर, डाक बीमा आदि को देखने वाले सहायक पर काम का अत्यधिक बोझ है तो दूसरी ओर डाक टिकट आदि को देखने वाले सहायक के पास कोई काम ही नहीं दिखाई देता। इस काउंटर पर यदि वैवाहिक निमंत्रण पत्र जो 50 से 60 की संख्या तक भी होते हैं, भारतीय जीवन बीमा निगम के अपार संख्या में स्पीड पोस्ट से जाने वाले पत्रों आदि को रखा जाए तो सामान्य रजिस्ट्री/स्पीड पोस्ट आदि भेजने वाले लोगों का शीघ्रता से कार्य हो सकता है। यही स्थिति सेविंग बैंक/आरडी/ महिला समूह अभिकर्ताओं आदि से जुड़े काउंटर्स की भी है।

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