श्रीनगर गढ़वाल : विकासखंड कीर्तिनगर के ग्राम पंचायत सिरोला, सेमली, मुंडोली में पेयजल आपूर्ति न होने पर सोमवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कीर्तिनगर तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार एवं क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन का नेतृत्व करते हुए जिला पंचायत सदस्य खोला कड़ाकोट कविता देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत सिरोला, सेमली, मुंडोली में विगत लम्बे समय से पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, लेकिन कोई विभागीय कार्यवाही अमल में नहीं लाई जा रही है। बताया कि समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से भी बताया गया, किंतु अभी तक पेयजल समस्या का कोई स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है। जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सांक्रो डॉ. प्रताप सिंह भंडारी, मकानी देवी, सुनील कुमार, अरुण नेगी, रामलाल नौटियाल ने कहा कि कीर्तिनगर ब्लॉक के अधिकांश गांवों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। ग्रामीण पानी के लिए दरबदर भटकते जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय विधायक एवं विभागीय अधिकारी केवल ग्रामीणों को आश्वासन पे आश्वासन देकर गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। कहा कि स्थानीय विधायक लगातार चौरास क्षेत्र की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने की बड़ी-बड़ी बाते करते हैं, लेकिन वह केवल झुनझुना साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने जल्द से कीर्तिनगर ब्लॉक के गांवों को जल्द पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य खोला कड़ाकोट कविता देवी ने ग्राम पंचायत सिरोली, सेमला, मुंडोली में नियमित एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने, पाइप लाइन मोटर एवं स्रोत में आ रही तकनीकी दिक्कतों की मरम्मत शीघ्र ठीक किए जाने, आगामी ग्रीष्मकाल से पूर्व पेयजल आपूर्ति के लिए स्थायी योजना तैयार कर स्वीकृत कराए जाने और जब तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं होती है तब तक टैंकरों से पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाए जाने की मांग की है। कहा कि यदि जल्द से मांगों पर कार्यवाही नहीं होती है तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना प्रदर्शन में प्रदीप कुमार, गणेश, दिनेश लाल, सूरज कुमार, मुकेश कुमार, सुनील कुमार, रामेश्वरी देवी आदि मौजूद थे। डॉ. नीलू चावला, उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर ने बताया कि लछमोली-हडिमधार पेयजल योजना का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। ग्रामीणों को दिसम्बर माह तक पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से दिए जाने और योजना के पूर्ण होने तक पानी उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया गया है। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है। (एजेंसी)