पिपोलाखास के ग्रामीणों ने मांगा पूर्ण विस्थापन

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नई टिहरी। पिपोलाखास में ध्वस्त हुए मकानों व अन्य मकानों में आईं दरारों को लेकर ग्रामीणों ने डीएम मयूर दीक्षित से मुलाकात कर ध्वस्त हुए मकानों का जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की। इसके साथ ही पिपोलाखास का स्थलीय निरीक्षण कर पूर्ण विस्थापन करने की मांग की है। बुधवार को बांध विस्थापितों व प्रभावितों के याचिकाकर्ता एडवोकेट शांति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में पिपोलाखास के ग्रामीणों ने डीएम मयूर दीक्षित से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा ज्ञापन के माध्यम से डीएम ने मांग की है कि पिपोला खास का आप स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर उन मकानों की सर्वेशीट बनवाकर प्रतिकर भुगतान करवाएं। समपाश्र्विक क्षतिपूर्ति नीती 2013 और 2021 के तहत जिनकी पात्रता निर्धारित हुई है, उन्हें भूमि के बदले भूमि ही दी जाय। डीएम से यह भी मांग की है कि बीते 15 जुलाई को पिपोलाखास में विनोद भट्ट व बालष्ण भट्ट का मकान यकायक ध्वस्त हुआ है। जिसका भुगतान निर्मित आंगणन के अनुसार तत्काल किया जाय। ग्राम पिपोलाखास जाखणीधार ब्लक के तहत टिहरी बांध के सन्निकट बसा हुआ है। गांव में 28 परिवार हैं। जिनमें से 23 परिवारों के विस्थापन की संस्तुति के अनुरूप कार्यवाही चल रही है। बांध का जल स्तर घटने-बढ़ने से गांव में निरंतर गांव के भवन और भूमि लगातर धंस रही है। सर्वेशीट और जेईसी की संस्तुति के आधार पर पांच परिवारों का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 7 परिवारों का भुगतान होना है। जबसे झील का जल स्तर 820 से 830 किया गया है। गांव में लगातार भूधंसाव जारी है। जिससे ग्रामीणों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसलिए ग्रामीणों का पूर्ण विस्थापन कर ग्रामीणों को राहत दी जाय।

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