उत्तराखंड

हिट एंड रन कानून को वापस लेने की मांग पर बसों के पहिए जाम

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चम्पावत। हिट एंड रन केस में किए जा रहे बदलाव के विरोध में लोहाघाट में रोडवेज चालकों, टैक्सी चालकों और ट्रक चालकों ने दूसरे दिन भी पूर्ण रुप से वाहनों के पहिए जाम कर दिए। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए सरकार से कानून को वापस लेने की मांग उठाई। वाहनों के संचालन न होने पर यात्रियों को बगैर यात्रा के वापस घर लौटना पड़ा। हालांकि कुछ नीजि वाहनों ने आवाजाही जरुर की।मंगलवार को रोडवेजे कर्मचारी यूनियन के शाखा अध्यक्ष रमेश मुरारी के नेतृत्व में रोडवेज चालकों ने सरकार से हिट एंड रन केस के अचानक बदलाव का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वाहन से किसी की मौत होने पर सात लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान किया है। जिसका विरोध सभी रोडवेज कर्मचारियों ने किया है। उन्होंने कहा कि एक चालक जानबूझकर कोई जुर्म नहीं करता हैं, अगर गलती से हो जाए तो वह इतनी बड़ी रकम कहां से लाएगा और उनके बच्चों का क्या होगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार नए कानून को वापस नहीं लेती उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान टनकपुर, पिथौरागढ, दिल्ली,बरेली,देहरादून आदि को जाने वाली बसों, टैक्सियों और ट्रकों का संचालन नहीं हो पाया। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मौके पर मदन कुंवर, राजेन्द्र फत्र्याल, पुष्कर पंत, अमर सिंह, गोपाल गिरी, पुष्कर भट्ट, त्रिलोचन मुरारी, लक्ष्मण सिंह सामंत, अमर सिंह, ललित भट्ट, गोपाल भट्ट, नरेश थ्वाल, मनोज सिंह, हरीश जोशी, किशन सिंह, नारायण धौनी आदि मौजूद रहे।

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