र्केट के प्रतिबंधों के साथ मूलभूत समस्याओं का अंबार बना सिरदर्द

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अल्मोड़ा। रानीखेत छावनी के तीन नंबर वार्ड में भी गंद्गी, पेयजल जैसी मूलभूत समस्याएं व्याप्त हैं। सड़कों की हालत खराब है तथा पथ प्रकाश के भी उचित इंतजाम नहीं है। लोगों का कहना है कि टैक्स लिए जाने के बावजूद र्केट का सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं है। र्केट के जटिल नियमों से बेहाल लोग म्यूटीशन, निर्माण, लीज नवीनीकरण, मरम्मत आदि र्केट संबंधी कार्य नहीं हो पाने से परेशान हैं।
पहली बार महिला आरक्षित हुआ र्केट के वार्ड नंबर तीन की आबादी लगभग 1700 है। वार्ड के अंतर्गत कुरेशियान मोहल्ला, शिव मंदिर के समीप र्केट क्वार्टर, आबकारी, दुर्गा भवन, नाई मोहल्ला, धोबी मोहल्ला, गुलजार मंजिल, अतीक मंजिल, सरना गार्डन इलाका आता है। वार्डों की परिक्रमा के क्रम में शनिवार को ‘हिन्दुस्तान की टीम ने तीन नंबर वार्ड का स्थलीय जायजा लिया। घनी आबादी वाले कुरेशियान मोहल्ले में जगह-जगह गंद्गी नजर आई। स्थानीय लोगों ने कहा कि सफाई के ठोस इंतजाम नहीं है। स्टैंड पोस्टों की संख्या कम होने तथा पानी कम आने से पेयजल की समस्या बनी रहती है। पानी निकासी और पथ प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है। भ्रमण के दौरान गांधी चौक से आबकारी की तरफ जाने वाली लिंक सड़क बेहद खस्ताहाल मिली। सड़क में संवेदनशील स्थानों पर दुर्घटना खतरा बना हुआ है। इसके अलावा इस सड़क के किनारे खड़े किए गए निष्प्रयोज्य वाहन भी परेशानी का सबब बने हैं। आबकारी, नाई मोहल्ला व धोबी मोहल्ला में भी लोगों ने पेयजल, सफाई व स्ट्रीट लाइट की समस्याओं के बारे में जानकारी दी। सार्वजनिक शौचालयों की भी दिक्कते है। नाई मोहल्ले में कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ादान भी नहीं लगाया गया है। लोगों का कहना था कि म्यूटीशन, लीज नवीनीकरण, निर्माण संबंधी कार्यों के लिए र्केट कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन र्केट एक्ट के नियमों का हवाला देकर काम नहीं हो रहे हैं। लोगों ने र्केट की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में रखते हुए कहा कि र्केट सिर्फ मनमाने टैक्स लगाने तक सीमित रह गई है, सुविधाओं से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

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