कुरुड़ (चमोली)। सिद्धपीठ कुरुड़ से मां नंदा की बड़ी जात के शुभारंभ की प्रक्रियाएं बृहस्पतिवार को विधि-विधान के साथ शुरू हो गईं। मंत्रोच्चारण और विशेष पूजाओं के बाद दशोली और कुरुड़ की राजराजेश्वरी मां नंदा की डोलियों को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मंडप में विराजमान किया गया। वहीं सुंग गांव से जयकारों के बीच चौसिंग्या खाडू को कुरुड़ मंदिर लाया गया। इस दौरान मां नंदा अवतारी पुरुष मुंशी चंद्र गौड़ पर अवतरित हुईं और बड़ी जात के सफल आयोजन का आशीर्वाद दिया।
उत्तराखंड में मां नंदा को माता पार्वती के स्वरूप के साथ बेटी, बहन और लोकमाता के रूप में पूजा जाता है। हर 12 वर्ष में होने वाली नंदा राजजात के इतर इस वर्ष सिद्धपीठ कुरुड़ से पहली बार मां नंदा की बड़ी जात आयोजित की जा रही है। बड़ी जात को लेकर यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे कुरुड़ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। पंडित मुंशी चंद्र गौड़, मंशाराम गौड़ और संजय गौड़ ने मां नंदा के शृंगार पूजा के साथ संकल्प पूजा कराई। पांच सितंबर को मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए विदा होंगी। बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेनि.) हरेंद्र सिंह रावत, डोली के पुजारी नरेश गौड़ और अशोक गौड़, कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला सहित सदस्यों ने बड़ी जात के सफल आयोजन का संकल्प लिया।
राजी-खुशी राखी नंदा,
मैत्युं को मुलुक…..
मंदिर परिसर के समीप बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय नंदा मेले का भी शुभारंभ हुआ। नंदानगर की ब्लॉक प्रमुख हिमा देवी ने मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान सरस्वती शिशु मंदिर कुरुड़, नंदानगर, कुंडबगड़, राइंका कुंडबगड़ सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मां नंदा के जागर जा मेरी नंदुला, तै ऊंचा कैलासुं.., कुरुड़ की नंदा भगोती…, राजी-खुशी राखी नंदा, मैत्युं को मुलुक की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, प्रधान संगठन अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन अध्यक्ष दशरथ सिंह बिष्ट, मंदिर कमेटी के सचिव हर्षवद्र्धन बिष्ट, नरेश गौड़, अशोक गौड़, ग्राम प्रधान कुरुड़ हेमा देवी, देवेश्वरी देवी आदि मौजूद रहे।