दिल्ली में जलभराव से निपटने के उपायों की रिपोर्ट 31 अगस्त तक देनी होगी, उपराज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग से मांगा जवाब

Spread the love

नई दिल्ली ,। राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को होने वाली परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने लोक निर्माण विभाग से अब तक किए गए उपायों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विभाग को 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले 25 अगस्त को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। स्थिति का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मानसून के शेष दिनों में जलभराव की समस्या दोबारा न हो। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से ठोस और प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दिल्ली यातायात पुलिस ने इस मानसून में अब तक 139 जलभराव वाले संवेदनशील स्थान चिन्हित किए हैं। इनमें से 113 स्थान 20 अगस्त तक हुई बारिश के दौरान सामने आए थे। वहीं, 24 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद 26 नए स्थान इस सूची में जोड़े गए।
एक ही स्थान पर बार-बार जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मौके पर निरीक्षण शुरू कर दिया है। अधिकारियों को तत्काल समाधान के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
चिन्हित जलभराव वाले स्थानों का विस्तृत निरीक्षण करने के लिए लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों और सड़कों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने महरौली-बदरपुर मार्ग के जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। विशेष सचिव ने महात्मा गांधी मार्ग, पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग और महिपालपुर बाईपास मार्ग की स्थिति का जायजा लिया।
वहीं, मुख्य अभियंता ने उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इनमें विशेष रूप से नांगलोई-नजफगढ़ मार्ग, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मॉडल टाउन और लाला जगत नारायण मार्ग शामिल हैं।
विभाग के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में पुराने और बार-बार जलभराव वाले स्थानों का भी निरीक्षण किया। इनमें नई रोहतक मार्ग, बुराड़ी की 100 फुट सड़क, प्रेमबाड़ी अंडरपास, डाबरी नाला मार्ग और नजफगढ़-कापसहेड़ा मार्ग प्रमुख हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौजूदा जल निकासी व्यवस्था, नालों के निकासी बिंदुओं, उनमें जमा गाद, विभिन्न प्रकार की रुकावटों और पानी निकालने के लिए लगाए गए पंपों की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर ही ऐसे व्यावहारिक और तत्काल लागू किए जा सकने वाले उपाय तलाशें, जिन्हें उपलब्ध संसाधनों के भीतर पूरा किया जा सके। साथ ही, जहां स्थायी समाधान की जरूरत है, वहां उसके लिए भी आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
जलभराव की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *