देहरादून। ॅटर रोड स्थित चमन विहार फेज-2 फहर सोसाइटी में कथित अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य लगातार कराया जा रहा है, जबकि इस निर्माण के संबंध में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से पहले ही ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, फळक से प्राप्त जानकारी में फरवरी 2026 में ही उक्त निर्माण के संबंध में ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आदेश जारी होने के कई माह बाद भी उसका प्रभावी अनुपालन क्यों नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण के विरुद्ध प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जा चुका है, तो उसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहना विभागीय निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि संबंधित आदेशों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्रवाई के बजाय निर्माण
जारी रहने का आरोप
चमन विहार फेज-2 के लोगों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई के आदेश होने के बावजूद यदि मौके पर निर्माण जारी रहता है, तो इससे आम लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जाता है। लोगों ने मांग की है कि टऊऊअ एवं संबंधित विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण करें और यदि निर्माण आदेशों के विपरीत पाया जाता है तो उसे तत्काल बंद कराया जाए। क्षेत्रवासियों ने ध्वस्तीकरण आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
फरवरी से अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरवरी 2026 में ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होने के बावजूद सितंबर तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या विभागीय आदेश केवल कागजों तक सीमित हैं या उनका धरातल पर भी पालन कराया जाएगा?
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे इसे उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने के साथ ही उपलब्ध वैधानिक माध्यमों से भी कार्रवाई की मांग करेंगे।
गौतम क्षेत्री, अध्यक्ष, चमन विहार फेज-2 फहर सोसाइटी ने मामले में संबंधित विभाग से तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।