-बीरभूम के कुसुम्बा गांव में दूसरी मंजिल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव; पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, सुसाइड नोट नहीं मिला
कोलकाता,01 सितंबर (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (28) मंगलवार को बीरभूम जिले में अपने घर में मृत पाई गईं। वह रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में रहती थीं। उनका शव घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
बताया गया है कि बृष्टि मुखर्जी ने मार्च 2023 में बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में अपनी नौकरी गंवाई थी। नौकरी जाने के बाद से वह कथित तौर पर अवसाद में थीं और उनका इलाज चल रहा था।
बृष्टि का नाम पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ा था। इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बड़ी संख्या में नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था।
पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग ने वर्ष 2016 में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा आयोजित की थी। बाद में इस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोप सामने आए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल 2024 को अवैध तरीके से नियुक्त किए गए करीब 26 हजार लोगों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। अदालत ने वर्ष 2016 से नौकरी कर रहे लोगों को ब्याज समेत प्राप्त वेतन लौटाने का निर्देश भी दिया था।
नौकरी गंवाने वाले अभ्यर्थियों की सूची में बृष्टि मुखर्जी 608वें स्थान पर थीं। नौकरी जाने के बाद से उनकी मानसिक स्थिति खराब होने और उपचार चलने की बात सामने आई है। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, बृष्टि के पिता निहार मुखर्जी ममता बनर्जी के मामा के बेटे हैं और तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता बताए जाते हैं। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
पश्चिम बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीब 15 वर्ष के शासनकाल के दौरान सरकार के लिए बड़े राजनीतिक विवादों में से एक रहा है। मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। स्कूल सेवा आयोग और शिक्षा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी जांच हुई तथा आरोपपत्र दाखिल किए गए।
फिलहाल पुलिस बृष्टि मुखर्जी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे क्या कारण था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की स्थिति और कारण को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
००