रुद्रप्रयाग। मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से प्रसिद्व चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के बीच अब प्लास्टिक कचरे की समस्या से जूझ रहा है। मक्कूमठ से चोपता बाजार और तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक तक सड़क किनारे और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों में जगह-जगह प्लास्टिक बोतलें और कचरा नजर आ रहा है। वहीं बारिश के पानी के साथ बहकर यह कचरा संवेदनशील क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।
चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ दुर्लभ वन्यजीवों और बुग्यालों व औषधीय पादपों के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्रिसमस, न्यू ईयर और पर्यटन सीजन में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। खासकर चंद्रशिला ट्रैक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है लेकिन बढ़ते पर्यटन के साथ कचरे का दबाव भी बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर चंद्रशिला ट्रैक पर पर्यटकों की संख्या सीमित करने की मांग उठ रही है, ताकि बुग्यालों और प्राकृतिक क्षेत्र को नुकसान से बचाया जा सके।