स्टेशन रोड से अतिक्रमण हटाने का किया विरोध
कहा कि दुकान हटने से पहले अन्यत्र स्थान पर हो विस्थापन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से संचालित खोखों को हटाने के विरोध में मंगलवार को नगर के व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध जताया। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के आह्वान पर व्यापारी धरना स्थल पर एकत्र हुए और इसके बाद आक्रोश रैली निकालते हुए तहसील पहुंचे। यहां व्यापारियों ने प्रदर्शन कर तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सनवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना खोखा संचालकों को न हटाने की मांग की गई।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह से ही बड़ी संख्या में व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरना स्थल पर पहुंचने लगे। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने मुख्य मार्गों से रैली निकाली। तहसील परिसर पहुंचने के बाद रैली सभा में परिवर्तित हो गई। सभा में व्यापारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन के बाहर कई दशकों से छोटे कारोबारी खोखे लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से खोखे हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद संचालकों में असंतोष है। व्यापारियों का कहना है कि खोखा संचालक लंबे समय से नगर पालिका एवं नगर निगम को तहबाजारी शुल्क का भुगतान करते आ रहे हैं। व्यापारियों ने दावा किया कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों भी है, जो विभाजन के बाद यहां आकर बसे और वर्षों से इसी कारोबार के माध्यम से परिवार चला रहे हैं। उनका कहना था कि अचानक खोखे हटाए जाने से इन परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास अथवा वैकल्पिक व्यापारिक स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए। व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी और मेयर शैलेंद्र रावत से भी वार्ता की जा चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थायी समाधान होने तक खोखे हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, महामंत्री लाजपत राय भाटिया, नगर महामंत्री नवीन गोयल, राकेश अग्रवाल, विनय भाटिया, पंकज भाटिया, सरदार महेंद्र सिंह, अनिल भोला, विजय माहेश्वरी, सेवक राम मानूजा, हिमांशु भाटिया, रेशमा छावड़ा, प्रीति साहनी, रेनू, शैली, मेघा, सुषमा, मीरा, बेला, मधु और शशिबाला सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।