मुख्यमंत्री ने खटीमा एवं मसूरी में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को किया नमन
जयन्त प्रतिनिधि।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण ही उत्तराखण्ड राज्य का सपना साकार हुआ। शहीद आंदोलनकारियों ने उत्तराखण्ड के जिस स्वरूप का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 सितंबर को खटीमा कांड, 2 सितंबर को मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा कांड उत्तराखण्ड के इतिहास के वे काले अध्याय हैं, जिन्हें हम कभी भुला नहीं सकते। राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुए राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए किए जाने का फैसला लिया गया है। इसी प्रकार, राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णत: शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए किए जाने तथा उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था किए जाने का निर्णय लिया गया है। जबकि राज्य आन्दोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6,000 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए किए जाने तथा जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4,500 से बढ़ाकर 5,500 रुपए की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके सपनों का उत्तराखण्ड बनाना हमारा संकल्प है। अमर शहीदों के बलिदान और राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष की भावना के अनुरूप हम एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के लिये प्रतिबद्ध हैं।