जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : पर्यटन नगरी लैंसडौन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं, प्रसिद्ध गांधी चौक में आयोजित पारंपरिक मेले ने जन्माष्टमी के उत्सव को और भव्य बना दिया।

मेले में सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जबकि शाम होते-होते गांधी चौक में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे बाजार और दुकानों से निकलती चहल-पहल ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंग दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग मेले का आनंद लेते नजर आए। बच्चों में झूलों और मनोरंजन के साधनों को लेकर खासा उत्साह रहा, वहीं महिलाओं और लोगों ने विभिन्न दुकानों पर खरीदारी की। गांधी चौक का नजारा देर शाम तक बेहद जीवंत बना रहा। मेले में लगे खान-पान के स्टॉलों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी। स्थानीय व्यंजनों और विभिन्न प्रकार की दुकानों ने मेले की रौनक बढ़ा दी। लोगों की चहल-पहल, बच्चों की खिलखिलाहट और धार्मिक गीतों से पूरा गांधी चौक गुलजार रहा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों ने भी धार्मिक आयोजनों और पारंपरिक मेले का जमकर आनंद लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर लैंसडौन की शांत वादियों में भक्ति, संस्कृति और मेले की रौनक का अनूठा संगम देखने को मिला।