जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच के गढ़वाल मंडल के संयोजक पद पर सर्व सम्मति से सीताराम पोखरियाल को नियुक्त किया गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि शासन एवं विभागाध्यक्ष स्तर पर कार्मिक संघों के साथ नियमित रूप से तिमाही बैठक आयोजित की जाय। निर्णय लिया गया कि गंगोत्री से गंगा जल का कलश लेकर 1 सितम्बर से सभी जनपदों में एकता यात्रा के साथ विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
मंच के अध्यक्ष रमेश चंद्र पाण्डे की अध्यक्षता में वेबीनार का आयोजित किया गया। वेबिनार के मुख्य अतिथि अपर सचिव कार्मिक सुमन सिंह वाल्दिया ने कहा कि शहीदों के सपने को पूरा करने के जिस मूल उद्देश्य को लेकर एकता मंच ने विकास के लिए जवाबदेही हेतु एकता की मुहिम छेड़ी है वह सराहनीय है। वेबिनार में वक्ताओं ने हड़ताल के कारणों की समीक्षा करते हुए चिन्हित कारणों के लिए जवाबदेही तय किये जाने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्मिकों की समस्यायों के समाधान हेतु संवादशून्यता समाप्त करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिशा निर्देश दिए जाने के बावजूद शासन एवं विभागाध्यक्षों के स्तर से कार्मिक संघों के साथ नियमित रूप से तिमाही बैठक नहीं की जा रही हैं और बैठक में जिन मांगों पर सहमति होती है उसके अनुरूप कार्यवाही नहीं होने से हड़ताल जैसे कदम उठाने पड़ते है। एकता मंच के अध्यक्ष रमेश चंद्र पाण्डे ने जनजागरण अभियान के तहत हर रविवार को होने वाली वेबिनार में सभी कार्मिक संघों के प्रतिनिधियों से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के मामलों के निस्तारण हेतु सरकार ने बेहतरीन व्यवस्था बनाई है लेकिन बिना वजह प्रमोशन रोकने वालों के विरुद्ध कार्यवाही का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने बेसिक संवर्ग से एलटी में समायोजित/पदोन्नत शिक्षकों की पूर्व सेवा को जोड़ते हुए उन्हें चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान दिये जाने के मामले में शासन स्तर से बरती जा रही हीलाहवाली पर नाराजगी जताई। वेबिनार का संचालन मंच के महासचिव दिगम्बर फुलोरिया ने किया। वेबिनार को मंच के संरक्षक पंकज काण्डपाल, सीताराम पोखरियाल, प्रदीप पपनै, दीपशिखा मेलकानी, अनीता सह, रेखा जोशी, मदन गोस्वामी, भरत सिंह रावत, गिरीश असवाल, गोविंद सिंह बिष्ट संजीव डोभाल आदि ने सम्बोधित किया।