जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : आम जनमानस की समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन संवाद (जन सुनवाई कार्यक्रम) आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 39 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 15 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

ज्येष्ठ प्रमुख जखोली नवीन सेमवाल ने उच्छोला, मथ्यागांव, भुनालगांव, बक्सीर, डांगी, खोड़ आदि गांवों में मोबाइल नेटवर्क न होने की समस्या उठाई। उन्होंने मांग की कि जी राम जी योजना के तहत ऑनलाइन प्रक्रिया संभव न होने तक विकास कार्यों के लिए ऑफलाइन स्वीकृति दी जाए ताकि कार्य समय पर पूरे हो सकें। उच्छोला प्रधान चंडी कुमार ने छेनागाड़ से उच्छोला मोटर मार्ग पर सुरक्षा दीवार लगाने, मार्ग को यातायात के लिए सुचारू करने, क्षतिग्रस्त पैदल पुल व पैदल मार्ग के पुनर्निर्माण और सिंचाई गूल के निर्माण की मांग रखी। जवाड़ी निवासी देवी प्रसाद नौटियाल ने बताया कि भूस्खलन से उनके आवासीय भवन को खतरा है। उन्होंने सुरक्षा दीवार बनवाने के साथ ही घर में लगातार बनी पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग भी की। वर्ष 2013 की आपदा का जिक्र करते हुए उच्छोला निवासी ईश्वर सिंह ने गाड़ नामी तोक जंदरवाड़ी में क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण की मांग की। महिला मंगल दल क्यूड़ी की अध्यक्ष आशा देवी ने जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर वन विभाग से कार्रवाई की मांग की। इस तरह अलग-अलग विभागों से संबंधित कुल 39 शिकायत दर्ज की गई। शिकायतें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक सोमवार को जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन सुनवाई कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, ऊखीमठ अनिल रावत, उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर पंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट, अधिशासी अभियंता सिंचाई ओम जी गुप्ता, पीएमजीएसवाई पवन कुमार, प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं शिकायतकर्ता मौजूद रहे।