पर्यटन नगरी में पर्यटन विकास की थमी रफ्तार, सुविधाओं के अभाव में घट रहे सैलानी

फतेहपुर-लैंसडौन मोटर मार्ग के चौड़ीकरण से लेकर मनोरंजन सुविधाओं तक उठे सवाल
जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन :प्राकृतिकसौंदर्य, शांत वातावरण और ऐतिहासिक पहचान के लिए प्रसिद्ध पर्यटन नगरी लैंसडौन में पर्यटन विकास को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बीते वर्षों में यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बजाय कम हुई है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजनाओं, मनोरंजन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास की कमी का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। लोगों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से पर्यटन नगरी के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


लैंसडौन में पर्यटन की संभावनाएं होने के बावजूद पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चिड़ियाघर, टॉय ट्रेन, मनोरंजन पार्क और बच्चों के पार्क जैसी सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। इसके अलावा फतेहपुर-लैंसडौन मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग भी लंबे समय से उठती रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क की बेहतर सुविधा और पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित होने से पर्यटन गतिविधियों को गति मिल सकती है। टीआरएच लैंसडौन के प्रबंधक जितेंद्र सिंह का कहना है कि पहले की तुलना में यहां पर्यटकों की संख्या कम हुई है, जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई सुविधाओं का विकास अपेक्षित है। उनका कहना है कि चिड़ियाघर, टॉय ट्रेन, मनोरंजन पार्क और बच्चों के पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। स्थानीय व्यापारी आलोक अग्रवाल का कहना है कि पहले लैंसडौन में शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन मौसम के दौरान पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, लेकिन लंबे समय से ऐसे आयोजन नहीं होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयासों पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों से पर्यटकों का जुड़ाव बढ़ाया जा सकता है।

पार्किंग और सड़क की समस्या भी बनी चुनौती
कांग्रेस नगर अध्यक्ष रोशन शाह ने लैंसडौन में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि पर्यटकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है। वहीं, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश्वर अग्रवाल ने फतेहपुर-लैंसडौन मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग उठाते हुए कहा कि सड़क के बेहतर होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

15 वर्षों बाद भी सड़क चौड़ीकरण का इंतजार
लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता रघुवर बिष्ट ने क्षेत्र में पर्यटन विकास और सड़क चौड़ीकरण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप रावत को लगभग 15 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक फतेहपुर-लैंसडौन मोटर मार्ग का चौड़ीकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यालयों के स्थानांतरण और पलायन से प्रभावित क्षेत्र
स्थानीय लोगों के अनुसार, लैंसडौन से विभिन्न कार्यालयों के स्थानांतरण, तहसील के कार्य क्षेत्र के विभाजन, लगातार हो रहे पलायन और व्यापार में आई सुस्ती ने भी नगर की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। कुछ कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों के कोटद्वार से आवागमन करने की बात भी स्थानीय स्तर पर उठाई जा रही है। लोगों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और सरकारी गतिविधियां कम होने से बाजार की रौनक प्रभावित हुई है।

पर्यटन मंत्री की भूमिका पर उठाएं सवाल
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन नगरी लैंसडौन को विकसित करने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है। पर्यटन मंत्री की ओर से क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं पर कितना ध्यान दिया जा रहा है, यह भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय है। लैंसडौन की पहचान और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की नियमित शुरुआत, बच्चों के मनोरंजन की सुविधाएं और स्थानीय पर्यटन स्थलों के विकास जैसे कदम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब देखना यह है कि पर्यटन नगरी के विकास और स्थानीय कारोबार को नई दिशा देने के लिए सरकार तथा संबंधित विभाग कब ठोस पहल करते हैं।

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