श्रीनगर गढ़वाल : खंडाह बछेली ग्रामसभा के तरुली गांव में गुलदार के दहशत से परेशान ग्रामीणों को बुधवार देर रात राहत मिली। लगानू गांव के रास्ते पर वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद हो गया। गुलदार के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

बीते अक्टूबर माह में तरुली गांव में गुलदार ने एक महिला को अपना निवाला बनाया था। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज करने के साथ ही कैमरा ट्रैप, सोलर सीसीटीवी कैमरे और पिंजरे लगाए थे। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गश्ती दल लगातार भ्रमण कर रहे थे। वहीं, स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई थी। लंबे समय तक गुलदार के पकड़ में नहीं आने से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश बना हुआ था। उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट ने बताया कि बुधवार रात करीब 8:46 बजे लाइव सीसीटीवी कैमरे में गुलदार पिंजरे में कैद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसका रेस्क्यू कर पौड़ी पहुंचाया। करीब सात वर्षीय नर गुलदार का चिकित्सकों की टीम ने मेडिकल परीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि गुलदार को ढेला, चिड़ियापुर अथवा देहरादून शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा गया है। उपलब्ध स्थल के अनुसार उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। (एजेंसी)
वन कर्मियों की तैनाती यथावत रखने की मांग
ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप गुसाईं ने कहा कि क्षेत्र में दो गुलदार सक्रिय थे। एक गुलदार को पिंजरे में कैद होने के बाद कुछ हद तक राहत तो मिली है, लेकिन जब तक इस बात की सही पुष्टि न हो जाए कि पकड़ा गया गुलदार हमलावर था और नहीं तब तक क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात रहे और पिंजरे भी यथावत रखे जाएं।