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सुंदरढूंगा घाटी से पांच ट्रैकरों के शव रेस्क्यू, स्थानीय गाइड का अभी तक नहीं लगा सुराग

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बागेश्वर । सुंदरढूंगा घाटी में 18 अक्टूबर को पहुंचे पांच बंगाली ट्रैकर्स के शव स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम ने बरामद कर लिए हैं। चौपर से सभी शवों को कपकोट लाया गया है। पोस्टमार्टम से पूर्व पश्चिम बंगाल से आए स्वजन ने उनकी शिनाख्त की। बर्फ अधिक होने के कारण ट्रैकर्स को रेस्क्यू करने में अधिक समय लगा। ट्रैकर्स के साथ गए जैकुनी गांव के गाइड खिलाफ सिंह अभी भी लापता है।
मंगलवार को छह दिनों के बाद जिला प्रशासन को रेस्क्यू अभियान में सफलता मिली है। देहरादून से आए एसडीआरएफ की पवर्तारोही टीम ने सुंदरढूंगा घाटी में बर्फ में दबे पांचों शवों को रेस्क्यू कर लिया। नैनी-सैनी हवाई पट्टी पिथौरागढ़ से आए चौपर के माध्यम से शवों को कपकोट लाया गया है। जिला मुख्यालय से कपकोट गई डाक्टरों की टीम उनका पोस्टमार्टम किया। जिलाधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि घाटी में हिमपात जारी रहने से बचाव अभियान में दिक्कत पेश आई। बागेश्वर के जैकुनी गांव निवासी गाइड खिलाफ सिंह का अभी पता नहीं चल सका है। उसे भी खोजा जा रहा है।
देहरादून से आई एसडीआरएफ की टीम में आठ लोग शामिल हैं। सभी पर्वातारोही हैं, जिसके कारण छठे दिन रेस्क्यू अभियान में सफलता हासिल हुई है। इसके अलावा कपकोट तहसील में तैनात एसडीआरएफ की टीम भी उनको मदद कर रही है। इसके अलावा कुमाऊं मंडल विकास निगम के गाइड, ट्रैकरों के अलावा टीम में स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
कोलकाता से बागेश्वर आए विश्वजीत दास, अभिजीत दास, अनूप मंडल ने पांचों शवों की शिनाख्त की। मृतकों में 27 वर्षीय सागर डे पुत्र सलिल डे निवासी हावड़ा, पश्चिम बंगाल, 35 वर्षीय सरित शेखर दास पुत्र तुषार कांतिदास निवासी बगनान, हावड़ा, 32 वर्षीय चंद्रशेखर दास पुत्र आलोक दास निवासी बगनान, हावड़ा, 27 वर्षीय प्रीतम राय पुत्र प्रमिल कांति राय निवासी नाडिया, पश्चिम बंगाल तथा 63 वर्षीय साधुन बसाद पुत्र गंगा राम बसाद निवासी जयगिर घाट रोड कोलकाता हैं।

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