राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, प्रशासनिक आंकड़ों की उपयोगिता पर हुआ मंथन
जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, चमोली में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयोजित 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पी. सी. महालनोबिस को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी द्वारा प्रो. पी. सी. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रो. महालनोबिस के जीवन, उनके उल्लेखनीय कार्यों तथा भारतीय सांख्यिकी प्रणाली को सुदृढ़ आधार प्रदान करने में उनके योगदान की विस्तृत जानकारी दी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने कहा कि विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े किसी भी देश और राज्य के आर्थिक विकास, प्रभावी योजना निर्माण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का मजबूत आधार होते हैं। कहा कि बदलते समय में प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण और उनका प्रभावी उपयोग सुशासन एवं बेहतर निर्णय प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में अपर सांख्यिकी अधिकारी भूपाल सिंह, अरविन्द यादव, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी विश्व दीपक गौड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।