आदित्य की उपलब्धि से हल्द्वानी खुद को गौरवांवित महसूस कर रहा

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हल्द्वानी। शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाले आदित्य सिंह रावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में 382 भारतीय व 77 विदेशी कैडेट के साथ वे भी पासिंग आउट परेड में शामिल रहे। रामपुर रोड देवलचौड़ बंदोबस्ती के द्रोण मार्ग निवासी शिक्षक बलवंत सिंह रावत के छोटे बेटे आदित्य की उपलब्धि से शहर खुद को गौरवांवित महसूस कर रहा है।
राजकीय इंटर कॉलेज प्रतापपुर के शिक्षक बलवंत सिंह अपने दोनों बेटों को सेना में ऑफिसर बनाना चाहते थे। बड़ा बेटा अभिजीत सिंह रावत वर्तमान में मुंबई में क्रेडिट स्विस बैंक में अधिकारी है। जिसका दाखिला उन्होंने घोड़ाखाल सैनिक स्कूल में कराया था। एसएसबी की भर्ती में अपने अथक प्रयास के बावजूद अभिजीत भर्ती नहीं हो सका। जिसके बाद पिता बलवंत ने छोटे बेटे आदित्य को सेना में अफसर बनाने के लिए जोर लगाया। आदित्य को बचपन से ही फुटबॉल बेहद पसंद था। खेल और पढ़ाई दोनों में ही हमेशा उम्दा प्रदर्शन रहता था। स्कूली शिक्षा शहर के ही सिंथिया सीनियर सेकेंड्री स्कूल मुखानी से 2015 में पूर्ण की। जिसके बाद आदित्य का चयन टीईएस (टेक्निकल इंजीनियरिंग सर्विस) महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) के लिए हुआ। जहां सालों के कड़े परिश्रम के बाद जून 2020 में भारतीय सेना की सिग्नल कोर में उनका कमीशन हुआ। आदित्य के परिवार में बड़े भाई और पिता के अलावा मां कमला रावत और दादी मुन्नी रावत भी हैं। आदित्य के दादाजी स्व. जगत सिंह रावत भी स्कूल में प्रधानाचार्य रह चुके थे। इधर, शनिवार को पासिंग आउट परेड के बाद बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सिंथिया सीनियर सेकेंड्री स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवींद्र रौतेला ने भी इसे स्कूल के लिए गौरव बताया है।

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