नैनीडांडा में बौद्धिक संवाद कार्यक्रम मेंं कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर दिया जोर
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शैल स्टडी ग्रुप की ओर से प्रखंड नैनीडांडा स्थित इंटर कालेज में आयोजित बौद्धिक संवाद कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आइआइटीयन कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने देश में वन नेशन वन एजुकेशन सिस्टम लागू करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि भारत में स्कूली शिक्षा का नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है, लेकिन बढ़ती आबादी और बदलती जरूरतों को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

कर्नल नेगी ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि देश में आइएएस की तर्ज पर इंडियन टीचर सर्विस (आइटीएस) और पीसीएस की तर्ज पर स्टेट टीचर सर्विस (एसटीएस) की व्यवस्था तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू होने से देशभर में शिक्षकों की गुणवत्ता, नियुक्ति प्रक्रिया और शिक्षा के स्तर में समानता लाई जा सकती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में वर्तमान में एक करोड़ से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें करीब 56 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं, चार करोड़ से अधिक युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और इनमें छात्राओं का नामांकन भी उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष करीब 15 लाख इंजीनियरिंग स्नातक तैयार हो रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा विधि, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और स्नातक युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसी अनुपात में रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठाने होंगे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने वाली नीतियों को समय की आवश्यकता बताया। कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकती है। कार्यक्रम में गबर सिंह बिष्ट, जंगबहादुर नेगी, सोबन सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह रावत, कुलदीप नेगी, सुखदेव सिंह रावत, प्रेम सिंह रावत, आरवी चौहान, राजदर्शन सिंह रावत और आरपी ध्यानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।