-मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट 2026-29 और एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025 होगी जारी, 6,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ नष्ट करने के अभियान का शुभारंभ
नई दिल्ली,केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारतÓ विज़न को साकार करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को नई गति प्रदान करेगी।
हाइब्रिड मोड में आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में 44 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के प्रमुख हितधारकों, राज्य सरकारों तथा मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक में देश में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए किए जा रहे सामूहिक राष्ट्रीय प्रयासों की व्यापक समीक्षा और मूल्यांकन किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029) जारी करेंगे। व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए इस दस्तावेज़ में मादक पदार्थों की मांग में कमी, आपूर्ति नियंत्रण और नुकसान कम करने के लिए साझा रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। इसमें नेटवर्क-केंद्रित प्रवर्तन रणनीति, सिंथेटिक ड्रग्स एवं डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी पर नियंत्रण, युवाओं को नशे से दूर रखने तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
विज़न डॉक्यूमेंट में विभिन्न एजेंसियों और विभागों की जिम्मेदारियों, समय-सीमाओं और लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। यह दस्तावेज़ प्रवर्तन, पुनर्वास, जन-जागरूकता, क्षमता निर्माण और अंतर-एजेंसी समन्वय को एकीकृत करते हुए आगामी वर्षों के लिए नीति निर्माण और क्रियान्वयन का मार्गदर्शक ढांचा बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्री अमित शाह एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025 का विमोचन भी करेंगे। साथ ही जम्मू और गुवाहाटी में स्थापित एनसीबी के नए जोनल कार्यालयों का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर और उत्तरी क्षेत्रों में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को और मजबूती मिलेगी।
बैठक की एक अन्य प्रमुख उपलब्धि ‘ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेनÓ का शुभारंभ होगा। इस विशेष अभियान के तहत देशभर की केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट करेंगी, जिनकी अनुमानित कीमत 6,000 करोड़ रुपये है। यह अभियान मादक पदार्थों के सुरक्षित एवं त्वरित निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बैठक में आगामी तीन वर्षों के लिए मादक पदार्थ तस्करी और नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोचÓ को और सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा तकनीकी एवं संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने पर भी विशेष चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस नीतिÓ को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह उच्चस्तरीय बैठक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से देश को नशामुक्त बनाने के अभियान को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।