देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण में एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले में चर्चा में आईं उर्मिला सनावर हरिद्वार में दर्ज एक मुकदमे में गिरफ्तारी के बाद जेल में हैं। वहीं, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश किए जाने के बाद नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट से संबंधित कार्यवाही की सुनवाई आगे के लिए टल गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उर्मिला सनावर के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 11 मुकदमों का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मेडिकल रिपोर्ट पेश, टेस्ट पर फैसले का इंतजार
पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर 23 अक्टूबर को देहरादून स्थित सीबीआई अदालत में पेश हुए थे। कथित वीआईपी से संबंधित वायरल ऑडियो की जांच के सिलसिले में दोनों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई थी। इसी प्रकरण में नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
सोमवार को सुरेश राठौर की ओर से मेडिकल रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में दोनों के टेस्ट को लेकर अगली कानूनी कार्रवाई और अदालत के रुख पर नजर बनी हुई है। इससे पहले उर्मिला सनावर ने कथित तौर पर कहा था कि यदि उनका नार्को टेस्ट उचित कानूनी प्रक्रिया और कैमरों की निगरानी में कराया जाता है, तो अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने जांच से पीछे नहीं हटने की बात भी कही थी। दूसरी ओर, सुरेश राठौर ने भी जांच में सहयोग करने और टेस्ट के लिए तैयार रहने की बात कही थी। इन बयानों के बावजूद टेस्ट और जांच से जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।
सहारनपुर से गिरफ्तारी, शिकायत के
बाद दर्ज हुआ मुकदमा
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, उर्मिला सनावर को 25 अक्टूबर को सहारनपुर के गोविंद नगर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत के बाद की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतकर्ता और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक तथा मानहानिकारक टिप्पणियां कर रही थीं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि व्हाट्सएप कॉल के दौरान रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने और पांच करोड़ रुपये देने की मांग की गई। शिकायत के मुताबिक, मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
जेल में पहली रात को लेकर चर्चा
हरिद्वार जेल के अधीक्षक मनोज कुमार आर्य के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, जेल में पहली रात उर्मिला सनावर सुरेश राठौर का नाम लेकर आवाज लगाती रहीं। बताया गया कि सुबह उठने के बाद उन्होंने अखबार मांगा, महिला कैदियों से बातचीत की और नाश्ता किया।
जेल प्रशासन से जुड़ी इस जानकारी के सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, जेल में उनके व्यवहार से संबंधित जानकारी अलग विषय है और इसका अपने आप में किसी भी आरोप की सत्यता से कोई संबंध नहीं माना जा सकता।