आसमान में और बढ़ेगी भारत की ताकत, अगले महीने आ रहे तीन और राफेल

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नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय वायु सेना की ताकत और बढ़ने वाली है। लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही भारतीय वायु सेना को जनवरी में तीन और राफेल मिलने वाले हैं, जिसके बाद सेना की ताकत और बढ़ जाएगी। नाम न छापने की शर्त पर इससे जुड़े एक लोगों ने बताया कि जनवरी में भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन में तीन और राफेल शामिल हो जाएंगे। फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों की डिलीवरी का यह तीसरा सेट होगा।
बता दें कि भारत और फ्रांस के बीच 59000 करोड़ रुपए में कुछ 36 राफेल की डील हुई है। हालांकि राफेल के आने के लिए तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। तीनों विमान फ्रांस से जामनगर के लिए उड़ान भरेंगे। रास्ते में विमानों को हवा में ही ईंधन की आपूर्ति की जाएगी। भारत और फ्रांस के बीच साल 2016 में सितंबर में राफेल के लिए डील पक्की हुई थी।
जनवरी में तीन विमानों की आपूर्ति के बाद भारतीय वायु सेना के पास कुल 11 राफेल हो जाएंगे। बता दें कि तीन राफेल विमानों की दूसरी खेप नवंबर में भारत पहुंची थी। फ्रांस से जामनगर पहुंचने के बाद इन तीन विमानों की अंबाला में तैनाती कर दी गई। इससे पहले 29 जुलाई को पांच राफेल विमानों का एक सेट भारत पहुंचा था।
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में चीन से तनाव को देखते हुए भारतीय वायु सेना अपने फाइटर जेट की तैनाती कर चुकी है। तैनात किए गए लड़ाकू विमान पूरी तरह से हथियारों से लैश हैं। भारतीय सेना भी चीन के किसी उकसावे से निपटने के लिए पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय वायु सेना हर दो महीने पर तीन से चार राफेल मिलेंगे।
साल के अंत तक सभी 36 राफेल विमानों के भारत आने की संभावना है। राफेल के दूसरे स्क्वाड्रन को पूर्वी क्षेत्र में भारतीय वायु सेना की ताकत को और मजबूत करने के लिये तैनात किया जा सकता है। 1997 के बाद लगभग 23 साल बाद ऐसा मौका है जब भारतीय वायु सेना लड़ाकू विमानों को इम्पोर्ट कर रही है। इससे पहले रूसी फाइटर जेट सुखोई-30 को शामिल किया गया था।
डबल इंजन वाले यह राफेल विमान कई तरह के मिशन को अंजाम देने में सक्षम हैं। राफेल विमान उड़ान भरते समय कम से कम 10 टन वजन के हथियार अपने साथ ले सकते हैं। इसके अलावा यह दुश्मनों के रडार को को चकमा देने में सक्षम हैं।

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