जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर गढ़वाल : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र की ओर से 5 अक्टूबर से औषधीय एवं सुगंधित पादप क्षेत्र की चुनौतियों के साथ जलवायु सहनशीलता, सतत विकास और आजीविका के विकल्पों पर अंतर्विषयक विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जायेगी।

हैप्रेक के निदेशक प्रो. विजयकांत पुरोहित ने बताया कि हैप्रेक के केके नंदा मेमोरियल हॉल में आगामी 5 व 6 अक्टूबर को औषधीय एवं सुगंधित पादप क्षेत्र की चुनौतियों के साथ जलवायु सहनशीलता, सतत विकास और आजीविका के विकल्पों पर अंतर्विषयक विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जायेगी। बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, भारत सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेश के. दधिच बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। साथ ही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति डॉ. बीपी भट्ट और उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय से डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। बताया कि संगोष्ठी में औषधीय पादपों के संरक्षण, संवर्धन और क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जायेगा।